फरीदाबाद : कंवर ग्रेवाल की शानदार प्रस्तुति ने मेले की शाम को बनाया यादगार
तालियों और सुरों से गूंज उठी मुख्य चौपाल
फरीदाबाद, 24 अक्टूबर (हि.स.)। तृतीय सूरजकुंड दिवाली मेले की मुख्य चौपाल पर शुक्रवार देर सांय प्रसिद्ध सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने अपनी शानदार गायकी से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी दमदार आवाज, सूफियाना अंदाज और पंजाबी संगीत की शानदार प्रस्तुति ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। जैसे ही उन्होंने अपनी गायकी का जादू बिखेरना शुरू किया, मुख्य चौपाल पर मौजूद दर्शक तालियों और उत्साह के साथ उनके गीतों का आनंद लेने लगे। सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने अपनी गायकी के माध्यम से पंजाबी लोक संगीत और सूफी परंपरा की खूबसूरती को प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में प्रेम, आध्यात्मिकता, मानवीय संवेदनाओं और पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। उनके लोकप्रिय गीतों सामने होवे यार तो नाचना पैंदा है, मस्त बना देंगे बीबा, इश्क बुल्ले नु नचावे, छल्ला और ‘मस्त कलंदर’ जैसे सूफियाना संगीत की रंगत ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, पंजाबी संगीत की लय और उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति पर दर्शक झूमते नजर आए। मेले में उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर और संगीत की धुन पर थिरककर कलाकार का उत्साह बढ़ाया। सूफी गायक कंवर ग्रेवाल ने अपनी शानदार गायकी और दर्शकों के साथ आत्मीय जुड़ाव से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेले जैसे सांस्कृतिक आयोजन कलाकारों को अपनी कला और प्रतिभा प्रस्तुत करने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजन भारतीय लोक संस्कृति, संगीत और समृद्ध परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सूरजकुंड दिवाली मेला हस्तशिल्प, लोककला, पारंपरिक खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ देश के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों का प्रमुख मंच बन रहा है। मेले में आयोजित ऐसे संगीत कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

