फरीदाबाद : दो बेटों को खो चुकी मां ने तीसरे बेटे को लीवर का टुकड़ा देकर बचाई जान

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फरीदाबाद : दो बेटों को खो चुकी मां ने तीसरे बेटे को लीवर का टुकड़ा देकर बचाई जान


फरीदाबाद, 09 मई (हि.स.)। मां की ममता को साबित करने के लिए किसी सबूत की जरूरत नहीं है। जब बात बच्चे की जान पर आती है तो मां अपने प्राणों की परवाह किए बगैर बड़ी से बड़ी चुनौती से लड़ जाती है। हाल ही में मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स में एक ऐसा मामला आया जहां एक मां ने विल्सन नामक दुर्लभ जानलेवा बीमारी से लड़ रहे अपने 8 वर्षीय बेटे को अपने लिवर का टुकड़ा दान कर नया जीवन दिया। डॉ. पुनीत सिंगला ने बताया कि जम्मू कश्मीर से हमारे पास 8 वर्षीय बादल चौधरी नाम का लडक़ा आया जो अपने माता-पिता का तीसरे नंबर का बच्चा है। परिजन के अनुसार, उन्होंने जम्मू कश्मीर में किसी स्थानीय चिकित्सक से बच्चे की विल्सन नाम की दुर्लभ बीमारी का इलाज कराया लेकिन बच्चा ठीक नहीं हुआ। इस दुर्लभ बीमारी के कारण उसके दो बड़े भाइयों की पहले ही जान जा चुकी है। तीसरे बेटे को भी उसी बीमारी से लड़ता देख परिजन बहुत ज्यादा दुखी थे और फिर वे मरीज को फरीदाबाद में लेकर आये। यहां ठीक से जांच करने पर हमें पता चला कि मरीज का पीलिया (जौंडिस) बहुत ज्यादा बिगड़ा हुआ था और मरीज के पेट में बहुत ज्यादा पानी भरा हुआ था। मरीज का जौंडिस 37 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक पहुंच चुका था जो बहुत ही गंभीर कंडीशन है। मरीज का आईएनआर टेस्ट किया गया जो मापता है कि आपके खून को जमने (थक्का बनने) में कितना समय लगता है। आईएनआर लेवल 7.49 था जो अपने आप में तुरंत लिवर ट्रांसप्लांट का संकेत है। इसलिए परिजन को इस कंडीशन के बारे में अच्छे से समझाया गया और फिर लिवर ट्रांसप्लांट करने का निर्णय लिया गया। डॉ. पुनीत सिंगला ने बताया कि अपने कलेजे के टुकड़े की जान को खतरे में देख बच्चे की मां रेणु चौधरी (40 वर्षीय) लिवर देने के लिए आगे आईं। मां मेडिकल तौर पर लिवर देने के लिए फिट थी। लिवर ट्रांसप्लांट से जुडी सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे का लिवर ट्रांसप्लांट किया गया जिसमें माँ ने बच्चे को अपने लिवर का एक छोटा सा टुकड़ा दान दिया। ऑपरेशन में लगभग 12-13 घंटे तक चला। लिवर ट्रांसप्लांट सफल रहा और ऑपरेशन के बाद माँ और बेटा दोनों स्वस्थ हो गये। तीन हफ्ते बाद पूरी तरह ठीक होने पर बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और एक सामान्य जीवन जी रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

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