फरीदाबाद : मुंबई क्राइम ब्रांच कर्मचारी बनकर 30 लाख की ठगी, खाताधारक गिरफ्तार

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फरीदाबाद : मुंबई क्राइम ब्रांच कर्मचारी बनकर 30 लाख की ठगी, खाताधारक गिरफ्तार


फरीदाबाद, 07 जून (हि.स.)। मुंबई क्राइम ब्रांच कर्मचारी बनकर 30 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में साइबर थाना एनआईटी पुलिस ने खाताधारक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपित की पहचान दिल्ली निवासी आयुष (23) के रुप में हुई। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एनआईटी फरीदाबाद में रहने वाली एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि 16 जून 2025 को उसके पास एक कॉल आया, जिसने अपने आप को कथित मुम्बई क्राईम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया और कहा कि शिकायतकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके बाद एक अन्य नंबर से पुलिस ऑफिसर की विडियो कॉल आई और जिसने शिकायतकर्ता को जेट एयरवेज मनी लॉन्ड्रिंग केस मे आरोपी बताया तथा कहां कि हॉउस अरेस्ट किया गया है व डिजीटल अरेस्ट के ऑर्डर उसके पास भेज देंगे। इस केस में 6 करोड 80 लाख रुपये देने पडेंगे व उसके केस की प्रोसीडिंग्स व्हाट्अप के माध्यम से विडियो कॉल पर ही की जायेगी। जहां पर सीनियर ऑफिसर और जज साहब बात करेंगे और इस बारे में न तो किसी को बताना है और न ही घर से बाहर जाना है। इसके बाद उन्होंने केस के निपटारे के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरटीजीएस के जरिए ठगों द्वारा बताए खाता में 30 लाख 20 हजार रुपये भेज दिए। बाद में उसे ठगी का पता चला तो उसने पुलिस में शिकायत दी और पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपित आयुष ने खाताधारक मनीष का खाता गौरव से लेकर विकास को दिया था। खाते में ठगी के आठ लाख पांच हजार रुपए आए थे। आयुष, गौरव और विकास आपस में दोस्त हैं। आयुष का दिल्ली में पुरानी गाड़ीयों का सेल प्रचेज का काम है, वह मुंबई पुलिस के एक साइबर के मामले में 10 महीने की जेल भी काट चुका है। इस चैन में खाताधारक मनीष सहित तीन आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

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