फरीदाबाद : फर्जी विजिलेंस अधिकारी ने सीएमओ को नौकरी से हटाने की धमकी
फरीदाबाद, 05 नवंबर (हि.स.)। फरीदाबाद के बीके अस्पताल में खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर पहुंचे एक व्यक्ति ने सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा को नौकरी से हटवाने की धमकी दी। आरोपी ने सीएमओ कार्यालय में पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों पर रौब झाडऩे की कोशिश की। सीएमओ को उसकी बातों और व्यवहार पर शक हुआ तो उन्होंने तुरंत डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस बुला ली। पुलिस आरोपी को पकडक़र एनआईटी नंबर-3 चौकी ले गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसने फर्जी पहचान बताकर खुद को अधिकारी बताया था। दरअसल, बीके अस्पताल में करीब 50 लाख रुपए के कथित डीजल घोटाले की जांच चल रही है। इसी का फायदा उठाने के लिए आरोपी विजिलेंस अधिकारी बनकर अस्पताल पहुंचा था। हालांकि, अस्पताल के किसी अधिकारी या कर्मचारी ने उसे पैसे नहीं दिए। सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा के मुताबिक, आरोपी बुधवार को उनके कार्यालय पहुंचा और खुद को विजिलेंस अधिकारी बताने लगा। उसने स्टाफ पर भी रौब झाडऩे की कोशिश की। इस दौरान उसने सीएमओ को धमकी दी कि वह उनकी नौकरी खा जाएगा। आरोपी के बातचीत करने के तरीके से सीएमओ को उसकी मंशा पर शक हुआ। उन्हें लगा कि वह अधिकारी होने का झूठा रौब दिखाकर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद उन्होंने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली। पुलिस आरोपी को पकडक़र एनआईटी नंबर-3 चौकी ले गई। बीके अस्पताल में करीब 50 लाख रुपए के कथित डीजल घोटाले की जांच चल रही है। सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि इस मामले की जांच हेडक्वार्टर की टीम कर रही है। इसी बीच आरोपी ने खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर अस्पताल पहुंचने और अधिकारियों-कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की। एनआईटी नंबर-3 चौकी इंचार्ज मनोज के मुताबिक, आरोपी की पहचान राजपाल के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर क्षेत्र का रहने वाला है। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसने फर्जी पहचान बताकर खुद को अधिकारी बताया था। पुलिस के अनुसार, अस्पताल के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने आरोपी को पैसे नहीं दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

