फरीदाबाद: जनभागीदारी से ही संभव है नशा मुक्त भारत का सपना : डॉ. मनसुख मांडविया

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फरीदाबाद: जनभागीदारी से ही संभव है नशा मुक्त भारत का सपना : डॉ. मनसुख मांडविया


‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ

फरीदाबाद, 02 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने रविवार काे ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर कहा कि यह अभियान विकसित भारत के निर्माण की दिशा में युवा शक्ति को संगठित करने वाला एक ऐतिहासिक जन आंदोलन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से रखी गई विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में देश के स्वस्थ, सशक्त और जागरूक युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। वे रविवार को फरीदाबाद में अमृता हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में बाेल रहे थे।

डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करते हैं। प्रधानमंत्री ने अमृतकाल में युवाओं को राष्ट्र निर्माण का सारथी बताया है और उनकी आकांक्षाओं, विचारों, सेवाभाव तथा नेतृत्व क्षमता को दिशा देने के उद्देश्य से माई भारत की स्थापना की गई। आज यह मंच 2.24 करोड़ से अधिक युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2020 में नशा मुक्त भारत का जो संकल्प व्यक्त किया था, उसे आगे बढ़ाने के लिए माई भारत युवा संगठन ने देशभर के आध्यात्मिक संगठनों, युवा विंग्स और नशा मुक्ति से जुड़े विशेषज्ञों के साथ मिलकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की।

इसी क्रम में पिछले वर्ष वाराणसी में आयोजित आध्यात्मिक युवा सम्मेलन में दो दिवसीय विचार-विमर्श के बाद आगामी 100 सप्ताह की कार्ययोजना तैयार की गई, जिसे ‘काशी आध्यात्मिक समिट घोषणा पत्र’ का स्वरूप दिया गया। डॉ. मनसुख मांडविया ने बताया कि अभियान से देशभर के प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संगठन जुड़ रहे हैं। माता अमृतानंदमयी मठ, आर्ट ऑफ लिविंग सहित अनेक संस्थाओं के संत, गुरु और आध्यात्मिक मार्गदर्शक युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में एक करोड़ से अधिक युवाओं ने नशा मुक्त भारत के लिए संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर कर खेल, सेवा, नवाचार, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोडऩा इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा, संतों एवं आध्यात्मिक गुरुओं के आशीर्वाद तथा करोड़ों युवाओं के सामूहिक संकल्प के बल पर नशा मुक्त भारत और विकसित भारत का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा। अंत में उन्होंने सभी संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, युवा स्वयंसेवकों और नागरिकों से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं को सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करने का आह्वान किया। अमृता अस्पताल के प्रशासनिक निदेशक स्वामी निजामृतानंद पुरी ने युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से नशे के विरुद्ध एकजुट होकर अभियान चलाने का आह्वान किया।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

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