फरीदाबाद : प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनने से लाखों लोग हो रहे परेशान
फरीदाबाद, 22 मार्च (हि.स.)। फरीदाबाद में बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी मालिक इन दिनों परेशानी झेल रहे हैं। जहां करीब ढाई लाख लोगों की संपत्तियों की प्रॉपर्टी आईडी नहीं बन पा रही है, जिससे उनके कई जरूरी काम अधर में लटक गए हैं। जानकारी के मुताबिक 50 गज से कम क्षेत्रफल वाले प्लॉट और जीपीए (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) के आधार पर खरीदी गई संपत्तियों पर फिलहाल आईडी जारी करने पर रोक लगी हुई है। इस वजह से बड़ी संख्या में लोग अपने मकानों की कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में साढ़े सात लाख प्रॉपर्टी मालिक है। इनमें से ढाई लाख प्रॉपर्टी मालिक ऐसे है। जिनके पास 50 गज से छोटे प्लॉट है। इन्होंने यह प्लॉट सबडिवीजन के तहत खरीदे हैं। नियम के अनुसार प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए सबडिवीजन करवाना अनिवार्य है। नगर निगम की ओर से इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार को दो बार पत्र भेजकर दिशा-निर्देश मांगे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। मामला नगर निगम की बैठकों में भी उठ चुका है और संबंधित मंत्री को भी स्थिति से अवगत कराया गया है। नगर निगम की एडिशनल कमिश्नर सलोनी शर्मा का कहना है कि सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया है और जवाब मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी। प्रॉपर्टी आईडी न बनने का असर सिर्फ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम के राजस्व पर भी पड़ रहा है। टैक्स जमा न हो पाने के कारण हर साल लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। नियमों के अनुसार प्रॉपर्टी आईडी के लिए सबडिवीजन जरूरी है, जिसकी जिम्मेदारी प्लानिंग ब्रांच को दी गई है। लेकिन लोगों का कहना है कि इस प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता की कमी है, जिससे फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। आईडी न होने से संपत्तियों की खरीद-बिक्री लगभग ठप हो गई है। इसके साथ ही बैंक से लोन लेने, सीवर और पानी के कनेक्शन जैसी सुविधाओं में भी दिक्कत आ रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

