हिसार : जिलास्तरीय विज्ञान प्रश्नोत्तरी में फतेह चंद कॉलेज की टीम रही प्रथम
पांच टीमों ने मुख्य चरण में दिखाया वैज्ञानिक ज्ञान और तर्कशक्ति का दम
राजकीय महिला महाविद्यालय में हुई प्रतियोगिता
हिसार, 06 अक्टूबर (हि.स.)। राजकीय महिला महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. सतीश
कुमार सिंगला की अध्यक्षता में रसायन शास्त्र, भौतिक विज्ञान, जूलॉजी एवं बॉटनी विभागों
की ओर से जिलास्तरीय विज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता
में विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने भाग लिया। स्क्रीनिंग राउंड के बाद पांच टीमों
ने मुख्य प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया, जिसमें प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक समझ,
तर्कशक्ति और सामान्य विज्ञान के ज्ञान का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. सत्येन्द्र यादव ने मंगलवार काे विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन
करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा
विकसित करने के साथ उनके आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को भी मजबूत करती हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को विषय के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ने
में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रतियोगिता में फतेह चंद कॉलेज, हिसार की गातिमा, राधिका एवं साक्षी की टीम
ने प्रथम स्थान हासिल कर तीन हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त की। गुरु गोरख नाथ
गवर्नमेंट कॉलेज, हिसार के साकेत, लोकेश एवं सिमरन की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त
कर दो हजार रुपये का पुरस्कार जीता। डीएन कॉलेज, हिसार के फागुन, दृष्टि एवं फलक की
टीम तृतीय स्थान पर रही और उसे एक हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। अन्य टीमों ने
भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए चतुर्थ और पंचम स्थान हासिल किया।
प्रतियोगिता में डॉ. करुणा बामल ने क्विज मास्टर की भूमिका निभाई। समापन अवसर
पर प्राचार्य डॉ. सतीश कुमार सिंगला ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए पुरस्कार
और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं और आविष्कारों
तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे आसपास की दुनिया को समझने, सवाल करने और समस्याओं
के समाधान तलाशने का तरीका है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में जिज्ञासा पैदा
करने के साथ उन्हें नवाचार और रचनात्मकता के माध्यम से वास्तविक जीवन की समस्याओं का
समाधान करने के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान ने पूरे विश्व को एक-दूसरे
के करीब ला दिया है और विज्ञान के बिना जीवन तथा समाज का विकास संभव नहीं है। यदि भारत
को विश्व में अपनी ज्ञान-पताका फहरानी है तो विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीकी के
बुनियादी ज्ञान से जुड़ना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान के प्रति अपनी जिज्ञासा
बनाए रखने और निरंतर ज्ञान अर्जित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डॉ. राकेश कुमार, सहायक प्रोफेसर पूनम, डॉ. साक्षी, सहायक प्रोफेसर
ज्योति, सहायक प्रोफेसर अदिति, डॉ. प्रियंका, डॉ. कविता सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक
एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण,
तार्किक सोच और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

