सिरसा: किसान संगठनों ने टोल पर दिया धरना, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

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सिरसा: किसान संगठनों ने टोल पर दिया धरना, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की


सिरसा: किसान संगठनों ने टोल पर दिया धरना, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की


सिरसा, 11 अप्रैल (हि.स.)। संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर किसान संगठनों ने शनिवार को सिरसा के भावदीन टोल प्लाजा व खुइया मलकाना टोल प्लाजा के पास रोड जाम कर सरकार द्वारा फसल खरीद को लेकर बनाए गए नए नियमों के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। किसानों ने करीब चार घंटे तक रोड जाम रखा जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिहाज पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान पुलिस व किसानों के बीच रोड जाम खोलने को लेकर जमकर बहसबाजी और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए टोल से सभी रूट डायवर्ट कर दिए। रोडवेज बस सहित कई वाहन घंटों जाम में फंसे रहे।

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि नए नियम उनकी आजीविका पर सीधा असर डालेंगे और खेती को और अधिक जटिल बना देंगे। किसानों ने साफ कहा कि वे किसी भी हालत में इन नियमों को स्वीकार नहीं करेंगे। उनका मुख्य विरोध ट्रैक्टर-ट्रॉली के रजिस्ट्रेशन नंबर को अनिवार्य करने और बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने को लेकर है। किसान नेता रोशन सुचान, रणबीर सिंह आदि ने कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल खेती के लिए होता है न कि किसी व्यावसायिक गतिविधि के लिए, ऐसे में उसका पंजीकरण नंबर अनिवार्य करना किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। वहीं, बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर भी किसानों ने कड़ा विरोध जताया और कहा कि यह नियम व्यावहारिक नहीं है और इससे खेतों में काम करने वाले किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

विरोध प्रदर्शन के चलते पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। टोल प्लाजा पर पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर डीएसपी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और हालात पर नजर बनाए रखी। प्रदर्शन के दौरान किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहसबाजी हुई। किसानों के इस प्रदर्शन को राजनीतिक पार्टियों का समर्थन भी मिला। आम आदमी पार्टी ने किसानों के इस आंदोलन का समर्थन किया और सरकार के फैसलों की आलोचना की। किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और बड़ा रूप देंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सिरसा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे देश में चक्का जाम किया जाएगा। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं लेकिन अगर सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी तो हमें मजबूर होकर बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

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