सिरसा: नवसंवत पर डेरा बाबा सरसाई नाथ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
सिरसा, 19 मार्च (हि.स.)। नवसंवत् के आगमन पर शहर के संस्थापक बाबा सरसाई नाथ डेरा में विशाल मेले का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बाबा की समाधि पर शीश नवाकर सुख समृद्धि की कामना की। वहीं भजन मंडली के कलाकारों ने बाबा की महिमा का गुणगान किया। डेरा बाबा सरसाईनाथ में मेले के चलते मंदिर में भव्य सजावट की है।
डेरे के महंत बाबा सुंदराईनाथ ने गुरुवार को श्रद्धालुओं को आशीर्वाद से देते हुऐ कहा कि यहां सबकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा यहां सभी धर्मों के लोग आकर बाबा की समाधि पर माथा टेकते हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा नगरी बाबा सरसाईनाथ ने बसाई थी, जिसकी नींव नवसंवत के अवसर पर रखी गई थी। इसलिए नवसंवत पर जिलावासी यहां सपरिवार आकर शीश नवाते हैं और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को मंदिर की प्रसाद वितरण समिति की ओर से चूरमे का प्रसाद वितरित किया गया।
सिरसा का नाम बाबा सरसाईनाथ के नाम से अलंकृत हुआ। नाथ समुदाय से जुड़ा यह ऐतिहासिक डेरा बेगू रोड पर स्थित है, जहां चैत्र मास की प्रतिपदा यानि नवसंवत के उपलक्ष्य में हर वर्ष मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें सिरसा ही नहीं बल्कि आसपास के इलाकों से हजारों लोग आते हैं और बाबा की समाधि पर शीश नवाते हैं। डेरे पर सभी धर्मों व जाति के लोग श्रद्धा से शीश नवाते हैं।
शाहजहां के बेटे को मिला था जीवनदान
डेरा बाबा सरसाईनाथ के महंत सुंदराईनाथ का कहना है कि डेरा मुगलकालीन है। यहां मुगल शहंशाह शाहजहां के बेटे दारा शिकोह को जीवनदान मिला था, जिसके बाद मुगल बादशाह ने डेरे में भव्य गुंबद का निर्माण करवाया, जो आज भी ज्यों का त्यों हैं। महंत सुंदराईनाथ ने बताया कि नवसंवत पर सिरसावासी बाबा की समाधि पर शीश नवाते हैं और मनोकामनाएं मांगते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma

