पानीपत:जल प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की होगी ड्रोन मैपिंग

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पानीपत:जल प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की होगी ड्रोन मैपिंग


पानीपत, 10 मई (हि.स.)। पानीपत में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण को लेकर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जे. गणेशन ने यमुना एक्शन प्लान की समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अपनाया है। प्रदूषण फैलाने वाले छिपे हुए स्रोतों का पता लगाने के लिए अब नई तकनीक का सहारा लिया जाएगा। बोर्ड ने एक एजेंसी के माध्यम से ड्रेनों की ड्रोन मैपिंग करवाने का निर्णय लिया है।

यह ड्रोन सर्वे नोडल अधिकारियों और आरओ की देखरेख में किया जाएगा, ताकि ड्रेनों को प्रदूषित करने वाले हर छोटे-बड़े छुपाए गए स्रोत की पहचान हो सके।

बैठक में खुलासा हुआ कि पानीपत में उद्योगों द्वारा भूजल को प्रदूषित किया जा रहा है, जिस पर अब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्वयं संज्ञान लिया है।

चेयरमैन ने पानीपत के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि ऐसी इकाइयों को चिन्हित कर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाए।

नगर निगम पानीपत के मुख्य अभियंता रमेश बागडी ने बताया कि नाला नंबर-दो में गिरने वाले बिना उपचारित गंदे पानी को रोककर एसटीपी की ओर मोड़ दिया गया है।

इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले वर्ष ड्रेन के पानी की बीओडी वैल्यू 70 एमजी/एक थी, जो अब घटकर 32 रह गई है। सुधार के बावजूद पानीपत में अभी भी कई चुनौतियां बरकरार हैं, जिन पर चेयरमैन ने अगले 15 दिनों में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पुराने औद्योगिक क्षेत्र का अपशिष्ट अभी भी ड्रेन के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि उद्योगों ने ईटीपी लगाए हैं। लेकिन अब उनकी कार्यक्षमता की जांच की जाएगी। चौटाला रोड पर अवैध रूप से टैंकरों द्वारा अपशिष्ट फेंकने का मुद्दा उठाया गया था, जिस पर कड़ी निगरानी के आदेश दे दिए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा

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