पानीपत: बिजली निगम में निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने दिया धरना
पानीपत, 04 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा में प्रस्तावित एग्री डिस्कॉम, पैरलल लाइसेंस और बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले निगम के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने मंगलवार को समालखा स्थित उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यकारी अभियंता कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया गया।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सरकार से जनविरोधी नीतियां वापस लेने की मांग करते हुए 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। धरने की अध्यक्षता करते हुए ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के यूनिट प्रधान कपिल रावल ने सरकार से एग्री डिस्कॉम, पैरलल लाइसेंस, स्मार्ट मीटरिंग और बिजली निजीकरण से जुड़े सभी प्रस्ताव वापस लेने, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने तथा जोखिम भत्ता देने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एग्री डिस्कॉम संबंधी कोई अधिसूचना जारी की गई तो प्रस्तावित हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान अमरीश त्यागी और राज्य कार्यकारिणी सदस्य तेजिंदर ने कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि किसानों, उपभोक्ताओं और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को बचाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि संयुक्त संघर्ष मोर्चा गांव-गांव और शहर-शहर जाकर बिजली निजीकरण के दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक करेगा। धरने में ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन, एचएसईबी वर्कर यूनियन, हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन और एचपीसी एससी/बीसी कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा

