नूंह: बिजली के निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल का किया ऐलान
नूंह, 20 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा बिजली नियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी ‘इलेवन पावर’ को 25 वर्षों के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को नूंह में बिजली कर्मचारियों ने जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया और सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन की अध्यक्षता पलवल सर्कल सचिव राजेश शर्मा और सुबोध जाखड़ ने की, जबकि मंच संचालन राज्य सचिव समून खान ने किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राज्य उपप्रधान जितेंद्र तेवतिया और उपमहासचिव विजय हुड्डा ने कहा कि सरकार की सह पर लिया गया निजीकरण का यह फैसला जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुनाफे वाले और अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपकर सरकारी बिजली निगम दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) को कमजोर करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण होने से सरकारी बिजली निगमों, कर्मचारियों, किसानों और आम उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होंगे। संयुक्त मोर्चा इस फैसले का पुरजोर विरोध करेगा और बिजली कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में नूंह के साथ पलवल जिले के सैकड़ों बिजली कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। कर्मचारियों ने नूंह स्थित बिजली दफ्तर से पैदल मार्च शुरू किया और होडल बाईपास पर पहुंचकर बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और एचईआरसी के चेयरमैन मुकेश गर्ग के पुतले फूंके। कर्मचारियों ने निजीकरण के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ रोष जताया।
संयुक्त मोर्चा ने निजीकरण के फैसले के विरोध में आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत आज मंगलवार 20 अक्टूबर को प्रदेशभर में सरकार के प्रतिनिधियों के पुतले फूंकने, 21 अक्टूबर को एचईआरसी के आदेश की प्रतियां जलाने और 22, 23 व 24 अक्टूबर को तीन दिवसीय हड़ताल करने का ऐलान किया गया है। मोर्चा के अनुसार, 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे हड़ताल के तीसरे दिन आगामी आंदोलन और भावी रणनीति की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर नूंह यूनिट प्रधान योगराज दीक्षित, शब्बीर अहमद, महेंद्र सिंह, राजेश कुमार पुनहाना, आसिफ खान नगीना, दीपक कुमार फिरोजपुर, राहुल गुप्ता पुनहाना, उमर पुनहाना, होडल यूनिट प्रधान नरेंद्र सिंह, वेदपाल तेवतिया, देवेंद्र सिंह, चंद्रशेखर पलवल, जुबेर खान, इरफान खान, प्रकाश चंद, सतीश कुमार, हथीन प्रधान राशिद खान और मडकोला प्रधान नफे सिंह सहित अनेक कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया

