हिसार की सिविल सर्जन समेत आठ स्वास्थ्य अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश
सार्थक टीम के नोटिसों पर भारी पड़ी लापरवाही
हिसार, 17 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य
विभाग में कार्य के प्रति लापरवाही और सार्थक टीम के नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं
देने को गंभीरता से लिया है। इसी के चलते सरकार ने हिसार की सिविल सर्जन सहित आठ स्वास्थ्य
अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार,
हरियाणा सिविल सेवा (दंड तथा अपील) नियम, 2016 के नियम-8 के तहत इन अधिकारियों के विरुद्ध
विभागीय कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। पत्र में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों
ने सार्थक टीम के नोटिसों का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया, कार्य के प्रति उदासीनता दिखाई
तथा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में खराब प्रदर्शन किया। इन तथ्यों को देखते हुए सरकार
ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया है।
जिन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश
दिए गए हैं, उनमें हिसार की सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, सीएचसी मंगाली के वरिष्ठ
चिकित्सा अधिकारी डॉ. सज्जन, सीएचसी सीसवाल की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशिमा चौधरी,
सीएचसी खांडा खेड़ी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र शर्मा, सीएचसी मिर्जापुर
के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विक्रम, सीएचसी आर्यनगर के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
डॉ. रोशनलाल, उप सिविल सर्जन (एनएचएम) डॉ. जितेंद्र शर्मा तथा उप सिविल सर्जन (एनसीडी)
डॉ. नीरज गुप्ता शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर
से जारी किए गए आदेशों की प्रति मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) हरियाणा
को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाएं, हरियाणा के महानिदेशक
को निर्देश दिए हैं कि इन अधिकारियों के विरुद्ध नियम-8 के तहत आरोप-पत्रों का प्रारूप
विभागीय एडवोकेट से जांच करवाकर 15 दिनों के भीतर सरकार को भेजा जाए, ताकि आगे की विभागीय
कार्रवाई की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले को सरकारी कार्यों
में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों
के अनुसार, सरकार अब कार्य निष्पादन और जवाबदेही को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही
पर सख्त रुख अपना रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

