हरियाणा में 88 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान दिया सर्वोच्च बलिदान : डीजीपी
-पुलिस स्मृति दिवस पर 154 शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, पंचकूला में समारोह
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर (हि.स.)। पुलिस शहीदी दिवस के अवसर पर बुधवार को पंचकूला पुलिस लाइन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देशभर में कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले 154 पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर डीजीपी ने पंचकूला पुलिस लाइन में नवनिर्मित बहुउद्देशीय हॉल, अशोक स्तंभ और ऑर्डरली रूम का उद्घाटन किया। समारोह में डीजीपी ने कहा कि पुलिस शहीदी दिवस देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर पुलिसकर्मियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
डीजीपी ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त के दौरान चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवाद, उग्रवाद और संगठित अपराध के खिलाफ संघर्ष करते हुए पुलिसकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
डीजीपी ने कहा कि हरियाणा राज्य के गठन के बाद से अब तक प्रदेश के 88 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया है। उन्होंने हरियाणा पुलिस के इन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी वीरता और कर्तव्यपरायणता पुलिस बल की सबसे बड़ी ताकत है। पुलिसकर्मियों का दायित्व केवल अपराध पर नियंत्रण रखना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

