सोनीपत में कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी ने नामांकन के बाद किया चुनाव लड़ने से इनकार
सोनीपत, 23 अप्रैल (हि.स.)। सोनीपत नगर निगम में कांग्रेस का चुनाव विवादों में घिर गया है। यहां एक दिन पहले पूर्व सीएम व कांग्रेस अध्यक्ष की मोजूदगी में नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशी कमल दीवान ने गुरुवार को चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इस
फैसले के पीछे पार्टी के भीतर चल रही गुटबाज़ी, पार्षद टिकटों को लेकर विवाद और पिछले
उपचुनाव की नाराज़गी को वजह माना जा रहा है।
बुधवार
को कांग्रेस के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र, सांसद दीपेंद्र
हुड्डा और सांसद सतपाल ब्रह्मचारी की मौजूदगी में अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में कमल
दीवान ने नामांकन दाखिल किया था। लेकिन अचानक लिए गए इस फैसले ने पार्टी को असमंजस
में डाल दिया है। कमल दीवान पिछले मेयर उपचुनाव की हार को अब तक नहीं भूल पाए हैं।
उस चुनाव में उन्हें करीब 35,766 वोटों से हार मिली थी। उस समय भी उन्होंने पार्टी
के कुछ नेताओं और पार्षदों पर भीतरघात के आरोप लगाए थे। अब उन्हीं चेहरों को दोबारा
टिकट दिए जाने की चर्चा से वे नाराज़ बताए जा रहे हैं।
पार्षद
टिकटों को लेकर विवाद इस बार मुख्य कारण बनकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र
पवार के करीबी माने जाने वाले कुछ लोगों को टिकट देने की बात से दीवान असहमत हैं। वे
उन लोगों का विरोध कर रहे हैं जिन पर पहले भी पार्टी विरोधी काम करने के आरोप लगे थे।
कमल दीवान ने फिलहाल फोन बंद कर लिया है और किसी से संपर्क में नहीं हैं। परिवार से
चर्चा के बाद उन्हें अंबाला बुलाया गया है, जहां वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक होगी। इसी
बैठक में आगे की रणनीति और उनके चुनाव लड़ने को लेकर अंतिम फैसला हो सकता है।
अब यह
मामला पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन गया है। एक तरफ उम्मीदवार को मनाना है, दूसरी
तरफ संगठन में एकजुटता बनाए रखना है। अंबाला की बैठक को इस पूरे घटनाक्रम में अहम मोड़
माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

