तीन शहीदों के आश्रितों को ग्रुप-सी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी
चंडीगढ़, 28 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में युद्ध में शहीद हुए जवानों के परिवारों के कल्याण एवं पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने हरियाणा निवासी शहीद जवानों के पात्र आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी देने संबंधी राज्य सरकार की नीति में निर्धारित समय-सीमा के प्रावधानों में विशेष छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।
यह निर्णय राज्य सरकार की 30 मई, 2014 को अधिसूचित अनुकंपा नियुक्ति नीति तथा वर्ष 2014 और 2018 में किए गए संशोधनों के प्रावधानों के तहत लिया गया है। इस नीति के अनुसार हरियाणा के शहीद सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के पात्र आश्रितों को शहीद की रैंक के आधार पर ग्रुप-बी, ग्रुप-सी अथवा ग्रुप-डी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान है।
मंत्रिमंडल ने ऐसे तीन मामलों में निर्धारित समय-सीमा में छूट देने की मंजूरी दी, जिनमें शहीद जवानों के पुत्र एवं पुत्रियां अपने माता-पिता की शहादत के समय नाबालिग थे। वयस्क होने के बाद तीनों ने छह माह के भीतर ग्रुप-सी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन उनके मामले पूर्व नीति में निर्धारित समय-सीमा से बाहर होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब मंत्रिमंडल ने विशेष परिस्थितियों को देखते हुए इन मामलों में समय-सीमा में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है।
इस निर्णय से लाभान्वित होने वालों में करनाल निवासी भारतीय सेना के दिवंगत एसडब्ल्यूआर सुल्तान सिंह के पुत्र हर्ष, भिवानी निवासी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दिवंगत सिपाही प्रदीप कुमार की पुत्री खुशबू तथा दिवंगत संदीप कुमार के पुत्र योगेश शामिल हैं। तीनों अपने माता-पिता की शहादत के समय नाबालिग थे और बालिग होने के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया।
राज्य सरकार के अनुसार, तीनों लाभार्थियों ने बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। अब उन्हें ग्रुप-सी पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र मानते हुए उनके मामलों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

