हिसार : सुंदर ब्रांच नहर सूखी, धान की फसल पर संकट
75 गांवों के किसानों ने 15 दिन पानी छोड़ने की उठाई मांग
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, चेतावनी- मांग पूरी नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
हिसार, 07 अगस्त (हि.स.)। सुंदर ब्रांच नहर में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से
नारनौंद, तोशाम और बवानीखेड़ा क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की फसल पानी
के अभाव में सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है। इसी को लेकर शुक्रवार को गांव बास, मुंढाल,
सीसर, खरबला सहित आसपास के करीब 75 गांवों के किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते
हुए नहर में लगातार 15 दिन तक पानी छोड़ने की मांग की। किसानों ने दो टूक कहा कि यदि
जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
किसानों ने बताया कि सुंदर ब्रांच नहर इन क्षेत्रों की खेती की जीवनरेखा है।
हजारों एकड़ में धान की रोपाई हो चुकी है, लेकिन लंबे समय से नहर में नियमित पानी नहीं
आने के कारण फसलें सूखने लगी हैं। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।
किसान हरदीप मोर, सुल्तान सिंह, अमित, हरिओम, जयपाल, राजेश, सज्जन सिंह, नवीन, पुनीत,
राममेहर, वीरेंद्र सहित अन्य किसानों ने कहा कि नहर में बार-बार पानी की आपूर्ति बंद
कर दी जाती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।
किसानों ने तहसीलदार के माध्यम से सरकार और सिंचाई विभाग को ज्ञापन भेजते हुए
मांग की कि सुंदर ब्रांच नहर में लगातार 15 दिनों तक पानी छोड़ा जाए, ताकि धान की फसल
को बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पानी की आपूर्ति शुरू नहीं की
गई तो किसान दोबारा सड़कों पर उतरेंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी
सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान मार्केट कमेटी के चेयरमैन शमशेर मोर भी किसानों
के बीच पहुंचे।
उन्होंने मौके पर ही सिंचाई विभाग के एक्सईएन से फोन पर बातचीत कर किसानों
की समस्या से अवगत कराया। एक्सईएन ने जल्द पानी की आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया।
शमशेर मोर ने बताया कि किसानों के प्रतिनिधिमंडल की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति
चौधरी से मुलाकात कराने के लिए भी समय मांगा गया है, ताकि समस्या का स्थायी समाधान
कराया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

