जींद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणवी लहजे के कायल हुए जींदवासी
जींद, 17 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणवी लहजे में भाषण की शुरूआत की। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत में जैसे ही कहा कि जींद की इस गौरवशाली भूमि से सभी को राम-राम। इस पवित्र धरती पर आकर मन गदगद हो गया है। यो कोई साधारण धरती नही सै, यो धरती इतिहास, वीरता, धर्म और गौरव की धरती सै। शक्तिपीठ माता जयंती का नाम और आर्शीवाद इस शहर पर बना रहता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजा कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे लिए तो जींद आना पुरानी यादों का झरोखा खोलने जैसा है। सारे परिचित चेहरे हैं। कई लोगों के स्कूटर पर जींद आया जाया करता था। कई दशक पहले संगठन के काम से जींद आया। जींद ने जो प्रेम दिया वो आज तक भूला नही हूं। मुर्राह भैंस का दूध, दही और घी, जींद का देशी बूरा, घेवर ये वो यादें हैं, जो जींद से जुड़ ही जाती हैं। इतने सालों में जींद का घी और जींद का घेवर नही बदला बल्कि जींद के तेवर बदल गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणवी संस्कृति, किसानों की मेहनत और राज्य के विकास पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री की रैली के बाद जींदवासियों ने बताया कि पीएम का हरियाणवी लहजा सुनकर युवा पीढ़ी खासकर प्रभावित हुई। रविंद्र ने कहा कि हमने पहले भी मोदी जी को कई भाषाओं में बोलते सुना है लेकिन आज हरियाणवी में सुनकर गर्व हुआ। ये हमारी मिट्टी से जुड़ाव दिखाता है।
कर्यक्रम में महिलाओं की बड़ी संख्या थी। जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर आए तो सभी ने तालियां बजा कर उनका अभिवादन किया। प्रधानमंत्री ने जींद को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ते हुए कई बड़ी घोषणाएं भी की। प्रधानमंत्री के इस हरियाणवी अंदाज ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया। स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मान रहे हैं कि आज का भाषण जन-जन तक सीधा पहुंचा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

