हिसार : गुरु जम्भेश्वर विवि में यूरोपियन यूनियन एंगेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सेंटर (ईयूईआईसी) के प्रतिनिधिमंडल का दौरा
अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को मिलेगा नया
आयाम
हिसार, 13 मई (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान
एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान लगातार मजबूत हो रही है। विश्व
स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान गुजविप्रौवि के साथ सहभागिता बढ़ा रहे हैं। इसी दिशा में
यूरोपियन यूनियन एंगेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सेंटर (ईयूईआईसी) के प्रतिनिधि मंडल ने विश्वविद्यालय
का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जसमीत सैनी, संस्थापक एवं चेयरमैन, ईयूईआईसी
तथा सीए मनोज चौहान, प्रेसिडेंट एवं चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, ईयूईआईसी ने किया।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारियों
के साथ एक बैठक की। विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के कमेटी हाॅल में हुई इस महत्वपूर्ण
बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने की। बैठक में कुलसचिव डॉ. विजय
कुमार, प्रो. विनोद छोकर, प्रो. संजीव कुमार, प्रो. खुजान सिंह, प्रो. यशपाल सिंगला,
डॉ. प्रियंका तथा डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. ओम प्रकाश सांगवान सहित विश्वविद्यालय
के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बुधवार काे कहा कि गुजविप्रौवि
वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक और शोध सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यूरोपीय
संस्थानों के साथ संभावित साझेदारी विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय
एक्पोजर प्रदान करेगी तथा विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध
होगी। प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि विश्वविद्यालय की अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग
भी लगातार मजबूत हो रही है। यही कारण है कि विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों का विश्वविद्यालय
के प्रति सम्मान बढ़ा है।
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि इस प्रकार
के अंतरराष्ट्रीय सहयोग विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं अकादमिक ढांचे को और अधिक सशक्त
बनाएंगे। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए वैश्विक अवसरों के द्वार खुलेंगे तथा
संस्थान की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूती मिलेगी।
डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. ओम प्रकाश सांगवान
ने बताया कि इस बैठक के माध्यम से विश्वविद्यालय और ईयूईआईसी के बीच दीर्घकालिक सहयोग
की संभावनाएं बनी हैं। विशेष रूप से स्टूडेंट एवं फैकल्टी एक्सचेंज, अंतरराष्ट्रीय
इंटर्नशिप, रिसर्च कोलैबोरेशन तथा वैश्विक एक्पोजर सुनिश्चित करने के लिए आगामी समय
में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। ईयूईआईसी प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं शोध गतिविधियों
की सराहना करते हुए भविष्य में ठोस सहयोग स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

