जींद : बिजली कर्मियों की हड़ताल से आमजन हुआ बेहाल
जींद, 22 अक्टूबर (हि.स.)। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ा। गुरूवार को बिजली सप्लाई बाधित होने से शहर में ब्लैकआउट रहा और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई। घरों से लेकर दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों तक बिजली न मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली गुल होने के साथ ही पेयजल आपूर्ति बंद रही। जिससे लोग पानी के लिए तरसते रहे। हालात ऐसे रहे कि परेशानी झेल रहे लोगों को शिकायत के लिए दिए गए नंबरों पर भी संतोषजनक सहायता नहीं मिल सकी।
बिजली आपूर्ति ठप होने से घरों में बिजली उपकरण बंद हो गए। जिन घरों में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग हैं, वहां परेशानी और बढ़ गई। बिजली न होने से मोबाइल फोन चार्ज करने, पानी की मोटर चलाने और घरेलू काम निपटाने में भी दिक्कत आई। बिजली पर निर्भर छोटे दुकानदारों और कारोबारियों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। कई जगह दुकानों में कामकाज ठप रहने से व्यापारियों को नुकसान की चिंता सताती रही।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी देखने को मिला। पानी की मोटर और सप्लाई व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों को घरेलू जरूरतों के लिए पानी जुटाने में परेशानी हुई। घरों में खाना बनाने, कपड़े धोने, सफाई करने और अन्य जरूरी कामों के लिए पानी की कमी महसूस हुई।
बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा। नागरिक अस्पताल में कामकाज चलाने के लिए जनरेटर सेटों का सहारा लेना पड़ा। दिनभर जनरेटर चला कर जरूरी व्यवस्थाएं संचालित की गईं। अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भरता ने बिजली आपूर्ति की अहमियत को फिर उजागर किया।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान आमजन को राहत देने के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से लोगों में रोष रहा। लोगों का कहना था कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा बाधित होने पर प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी। बिजली व पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत नहीं मिलने से रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई। लोगों ने मांग की कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत की जाए और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित होए ताकि आमजन को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

