जींद : बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से बिगड़े हालात
जींद, 23 अक्टूबर (हि.स.)। बिजली कर्मियों की हड़ताल से हालात बद से बदतर हो रहे हैं। पेयजल सप्लाई नही मिल रही है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पूरी तरह से ब्लैकआउट है। बिजली और पेयजल संकट के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भी बिजली संकट का असर देखने को मिला। अस्पताल में पंखे नहीं चलने के कारण मरीजों को गर्मी के बीच बिना पंखे के इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जुलाना बिजलीघर में कर्मचारियों का धरना लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता एचबीएसई वर्कर यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष विरेंद्र गोयत ने की। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की दिनचर्या भी अस्त.व्यस्त हो गई है। बिजली के अभाव में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। कई लोगों को पानी का इंतजाम करने के लिए खेतों की ओर रुख करना पड़ रहा है। पेयजल की किल्लत के चलते लोग बुग्गी में खेतों से पानी लाने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि बिजली नहीं होने से रोजमर्रा के जरूरी काम पूरे करना भी मुश्किल हो गया है।
अस्पताल में पंखे बंद, मरीज परेशान
बिजली संकट का असर जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी दिखाई दिया। अस्पताल में पंखे नहीं चलने से मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ी। वार्ड 11 निवासी प्रवीन ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह अपनी पत्नी सुदेश को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आया था। सुबह से ही पंखा नहीं चल रहा थाए जिसके कारण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रवीन ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जनरेटर होने के बावजूद मरीजों को हाथ से कपड़ा झल कर हवा करनी पड़ रही है। ऐसे में मरीजों को इलाज के दौरान भी असुविधा झेलनी पड़ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कार्यवाहक एसएमओ डा. अंशुल ने बताया कि इन्वर्टर को चार्ज करने के लिए जनरेटर भी चलाया गया था। यदि किसी मरीज को परेशानी हो रही है तो वह इस संबंध में जानकारी लेंगी और समस्या का पता करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

