पलवल: एसवीएसयू में स्कूल में दही हांडी ने जमाया रंग

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पलवल: एसवीएसयू में स्कूल में दही हांडी ने जमाया रंग


पलवल, 03 सितंबर (हि.स.)। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बृहस्पतिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन उत्साह, उमंग और उल्लास से सराबोर रहा। विद्यालय के चारों हाउस के बीच दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें सभी हाउसों के विद्यार्थियों ने टीम भावना और उत्साह के साथ भाग लिया। इस रोमांचक प्रतियोगिता में लक्ष्मीबाई हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त कर शानदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर बच्चों और अध्यापकों के चेहरे खुशी और उत्साह से चमकते हुए दिखाई दिए। विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य भी प्रस्तुत किए।

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने प्रिय अध्यापकों की भूमिका निभाकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने अलग-अलग विषयों के अध्यापकों का अभिनय करते हुए उनकी शिक्षण शैली और व्यक्तित्व को बड़े ही रोचक एवं आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा और प्रस्तुति के आधार पर विभिन्न विशेष टाइटल भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कक्षा छठी के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता रही। नन्हे-मुन्ने बच्चे भगवान श्रीकृष्ण, राधा, राधा-कृष्ण तथा गोप-गोपियों की सुंदर वेशभूषा में सजकर आए और अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों द्वारा किया गया कैटवॉक भी कार्यक्रम का आकर्षण बना रहा। रंग-बिरंगी पोशाकों और मनमोहक प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर को ब्रज की सुंदर झांकी जैसा बना दिया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सतेन्द्र सौरोत ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, प्रेम, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है, वहीं शिक्षक दिवस हमें अपने जीवन को दिशा देने वाले गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। विद्यार्थियों के लिए रस्सा खींच प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। लड़कियों की रस्सा खींच प्रतियोगिता में लक्ष्मीबाई हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि लड़कों की रस्सा खींच प्रतियोगिता में टैगोर हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।

हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग

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