हरियाणा की आईटीआई में एआई, ड्रोन व साइबर सुरक्षा होंगे नए पाठ्यक्रम

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सरकार 60 आईटीआई को करेगी अपग्रेड, युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण

चंडीगढ़, 21 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा में औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से कौशल प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) के तहत प्रदेश के 12 क्लस्टरों में 60 सरकारी आईटीआई को अगले पांच वर्षों में अपग्रेड किया जाएगा।

इन संस्थानों में एआई, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। यह जानकारी सोमवार को चंडीगढ़ में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई पीएम-सेतु और राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में कौशल प्रशिक्षण को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाने, उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए नए पाठ्यक्रम विकसित करने तथा अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार के अवसरों से प्रशिक्षण को प्रभावी रूप से जोडऩे पर विस्तार से चर्चा की गई।

युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा ने बताया कि पीएम-सेतु के तहत हरियाणा में 12 क्लस्टरों की पहचान की गई है, जिनमें 60 हब-एंड-स्पोक आईटीआई शामिल हैं। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत देशभर में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 आईटीआई का उन्नयन किया जाना है, जिनमें 200 हब और 800 स्पोक शामिल हैं। इसके अलावा, पांच वर्षों में 20 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य है।

हर क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर को संबंधित स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी। एंकर इंडस्ट्री पार्टनर स्थानीय श्रम बाजार की मांग और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं के आधार पर पांच वर्षीय रणनीतिक निवेश योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना के तहत प्रत्येक हब आईटीआई के लिए अधिकतम 81 करोड़ रुपये तथा प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए अधिकतम 40 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। योजना के 60,000 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय परिव्यय में 200 हब और 800 स्पोक आईटीआई के उन्नयन के लिए 56,900 करोड़ रुपये, पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा डिजिटल बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सहायता के लिए 1,600 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

राज्य में कुरुक्षेत्र, कलायत, सोनीपत, झज्जर और पलवल सहित पांच क्लस्टरों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। कुरुक्षेत्र और कलायत क्लस्टरों के लिए प्राप्त निविदाओं का मूल्यांकन कर राज्य संचालन समिति के समक्ष रखा गया। समिति ने संबंधित प्रस्तावों और रणनीतिक निवेश योजनाओं को मंजूरी प्रदान की, जिसके बाद इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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