चुनौतियों के समाधान के लिए सामाजिक सहभागिता और प्रभावी विधायी नेतृत्व की आवश्यकता:नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 08 जून (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पूरी दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा की बढ़ती जरूरतें, डिजिटल अर्थव्यवस्था, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और सामाजिक असमानताएं हमारे सामने नई चुनौतियां बनकर खड़ी हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल प्रशासनिक निर्णयों से संभव नहीं है। इसके लिए जन-जागरूकता, सामाजिक सहभागिता और प्रभावी विधायी नेतृत्व की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री सोमवार को हरियाणा विधानसभा के तत्वावधान में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ इंडिया रीजन के जोन-2 के तीन दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया। इस अवसर पर राज्य सभा के उप-सभापति हरिवंश नारायण सिंह, विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा, हरियाणा के संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा भी उपस्थित थे। तीन दिन तक चलने वाले सम्मेलन में देश के 15 विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारी, उप-पीठासीन अधिकारी और विधायक भी भाग ले रहे है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपस्थित अतिथियों का हरियाणा पधारने पर अभिनंदन करते हुए कहा कि हरियाणा विधानसभा का यह सदन इस राष्ट्रीय सम्मेलन का साक्षी बना है, यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि 1966 में जब हरियाणा बना, तब लोगों ने कहा कि यह छोटा राज्य है। संसाधन कम हैं। रास्ता कठिन है। लेकिन हरियाणा की इस मिट्टी का स्वभाव ही कुछ और है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का विषय 'भविष्य की चुनौतियों से निपटने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में जागरूक समाज और विधायकों की भूमिका' है। यह विषय आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है और वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा ने विकसित भारत@2047 के विजऩ को केवल एक नारे के रूप में नहीं, बल्कि एक सामूहिक संकल्प के रूप में आत्मसात किया है। वर्ष 2025 में सरकार ने डिपार्टमेंट आफ फ्यूचर की स्थापना की जो देश में अपनी तरह की अनूठी पहल है, क्योंकि हम भविष्य की तैयारी कल पर नहीं छोडऩा चाहते।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

