नूंह में सस्ती फॉर्च्यूनर का झांसा देकर 4.30 लाख की लूट, आठ साल से फरार आरोपी गिरफ्तार
नूंह, 18 सितंबर (हि.स.)। थाना रोजकामेव क्षेत्र में वर्ष 2018 में सस्ती फॉर्च्यूनर कार दिलाने का झांसा देकर करीब 4.30 लाख रुपये की लूट के मामले में नूंह पुलिस ने करीब आठ वर्षों से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सेकुल निवासी गांव भीलमका, थाना डीग, जिला डीग (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय की अनुमति के बाद प्रोडक्शन वारंट पर शामिल तफ्तीश कर गिरफ्तार किया। पूछताछ और घटना स्थल की निशानदेही के बाद शुक्रवार काे आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, मामले में 5 जनवरी 2018 को कर्नाटक निवासी मोहम्मद असरफ की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसके पास फोन कॉल आई थी, जिसमें मात्र सात लाख रुपये में फॉर्च्यूनर गाड़ी बेचने का प्रस्ताव दिया गया। गाड़ी खरीदने के लिए वह अपने साथी के साथ दिल्ली पहुंचा। वहां आरोपियों ने उसे स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाया और फिरोजपुर झिरका ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गए।
पुलिस के मुताबिक, रास्ते में सोहना क्षेत्र के नजदीक आरोपियों ने स्कॉर्पियो को रोक लिया। इसी दौरान पहले से मौजूद अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आरोपियों ने शिकायतकर्ता से करीब 4 लाख 30 हजार रुपये से भरा बैग और उसके साथी का मोबाइल फोन छीन लिया तथा मौके से फरार हो गए। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साइबर सेल की मदद से वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो गाड़ी और मोबाइल नंबरों की जांच की। जांच में मुस्तकीम, शमशेर उर्फ दलशेर, राशिद, तैय्यब, मकसूद और सेकुल समेत कई आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने पहले मुस्तकीम और शमशेर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट की रकम का कुछ हिस्सा और अन्य साक्ष्य बरामद किए थे।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि शिकायतकर्ता से लूटा गया मोबाइल फोन बाद में अलग-अलग लोगों द्वारा इस्तेमाल किया गया। पूछताछ में सामने आया कि उक्त मोबाइल फोन सेकुल ने बेचा था और बाद में उसे वापस भी लिया था। मोबाइल फोन से जुड़े तथ्यों और अन्य जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में सेकुल की संलिप्तता की पुष्टि की। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी करवाए गए तथा उद्घोषणा की कार्रवाई भी की गई थी। इसके बाद न्यायालय ने आरोपियों को पीओ घोषित कर दिया था। सेकुल भी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। नूंह पुलिस द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों के बाद उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया

