झज्जर : वीबी जीरामजी योजना मनरेगा से अधिक कल्याणकारी : जांगड़ा
झज्जर, 08 जनवरी (हि.स.)। राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (जीरामजी) योजना का विरोध करने पर काँग्रेस नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी ने मनरेगा से गरीबों को कोई लाभ नहीं पहुंचाया। जबकि सरकार ने मनरेगा का नाम नहीं बदला है बल्कि अधिक उपयोगी योजना बनाई है।
सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने बताया कि वीबी जी राम जी योजना का पूरा नाम विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है। पहले मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार मिलता था, लेकिन उसमें बड़े पैमाने पर घोटाले होते थे। अब योजना को खेती से भी जोड़ा गया है और ग्रामीण को योजना के तहत 125 दिनों के लिए काम मिलेगा। जिससे किसानों को सस्ते मजदूर मिलेंगे और मजदूरों को भी समय पर रोजगार मिलेगा।उन्होंने बताया कि नए विधेयक के तहत मजदूरों को काम का मेहनताना वहीं पर और 15 दिनों के भीतर भुगतान किया जाएगा, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सांसद ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा के तहत कुल 11 करोड़ 74 लाख रुपये वितरित किए गए थे, जबकि भाजपा सरकार अब तक 8 करोड़ 53 लाख रुपये योजना के अंतर्गत दे चुकी है। मनरेगा के नाम में संशोधन को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है, उसी सोच के आधार पर योजना का नया नाम रखा गया है।
योजना को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध और प्रदर्शनों पर भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने गुरुवार को झज्जर में प्रेसवार्ता कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जान बूझकर जनता को भ्रमित कर रही है और महात्मा गांधी के नाम को लेकर अफवाह फैल रही है। जबकि भारतीय जनता पार्टी की नाम बदलने में कोई रुचि नहीं है, केवल उन्हीं नामों में बदलाव किया गया है, जो अंग्रेजी शासन या आक्रांताओं के प्रतीक थे। महात्मा गांधी के नाम को हटाने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। कांग्रेस हर मुद्दे पर गलत बयानबाजी करती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / शील भारद्वाज

