सोनीपत: राष्ट्रीय तीरंदाजी कोच को नाबालिग से छेड़छाड़ में पांच साल की सजा
सोनीपत, 20 मई (हि.स.)। सोनीपत
की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने नाबालिग तीरंदाजी खिलाड़ी से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न
मामले में बुधवार को राष्ट्रीय तीरंदाजी कोच को पांच वर्ष की कैद सुनाई है। अतिरिक्त
सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की अदालत ने दोषी कुलदीप कुमार वेदवान पर 10 हजार रुपये जुर्माना
भी लगाया है। जुर्माना जमा न करने पर आरोपी को तीन महीने की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी
होगी।
यह मामला
अगस्त 2023 में मुरथल थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। राष्ट्रीय स्तर की नाबालिग खिलाड़ी
ने अपने कोच पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज
दिया था। मामले की सुनवाई विशेष अदालत में चली। विशेष लोक अभियोजक विजेंद्र सिंह खत्री
के अनुसार अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद 15 मई 2026
को आरोपी को दोषी ठहराया और 20 मई 2026 को सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड
संहिता की धारा 354ए के तहत भी दोषी माना। इस धारा में तीन वर्ष की कठोर कैद और पांच
हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त साधारण
कैद काटनी होगी।
शिकायत
के अनुसार घटना अप्रैल 2023 में सोनीपत में आयोजित यूथ चैम्पियनशिप ट्रायल
के दौरान हुई। पीड़िता स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया सोनीपत में ट्रायल देने आई थी और
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड कटरा स्टेडियम में अभ्यास करती थी। ट्रायल के दौरान
खिलाड़ियों को अलग-अलग होटलों में ठहराया गया था।
आरोप
है कि सात अप्रैल की सुबह आरोपी कथित रूप से होटल के कमरे में पहुंचा और अश्लील हरकतें
करते हुए जबरदस्ती का प्रयास किया। पीड़िता ने नींद से जागकर लगभग 15 से 20 मिनट तक
संघर्ष किया और किसी तरह बाहर निकल गई। वह पास के कमरे में ठहरी महिला खिलाड़ियों के
पास पहुंची और खुद को सुरक्षित महसूस किया। घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से परेशान
रही। बाद में आरोपी पर माफी मांगकर मामला दबाने का दबाव बनाने का भी आरोप लगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

