पानीपत में चुलकाना धाम के लिए बनेगा अलग से श्राइन बोर्ड
-महाभारतकालीन आस्था स्थल चुलकाना धाम को मिलेगा नया प्रशासनिक ढांचा
चंडीगढ़, 18 मई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने पानीपत के प्रसिद्ध चुलकाना धाम स्थित श्रीश्याम बाबा मंदिर के प्रबंधन और विकास को नई दिशा देने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘श्रीबाबा खाटूश्याम श्राइन बोर्ड’ के गठन के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी गई। महाभारतकालीन आस्था से जुड़े इस धार्मिक स्थल पर हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ और सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए लंबे समय से एक संगठित प्रबंधन व्यवस्था की मांग उठ रही थी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने अब बोर्ड गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित श्राइन बोर्ड के जरिए मंदिर प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप देने, श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, सुरक्षा, स्वच्छता और आवास जैसी सुविधाएं बढ़ाने के साथ-साथ चुलकाना धाम को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
दरअसल, 23 जनवरी, 2025 को हरियाणा मंत्रिमंडल ने चुलकाना धाम के लिए श्राइन बोर्ड गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, लेकिन उसी दिन श्रीश्याम मंदिर सेवा समिति रजिस्टर्ड, चुलकाना धाम द्वारा दायर सिविल रिट याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतिम निर्णय लेने पर रोक लगा दी थी। अब 14 मई को हाईकोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए सरकार को जल्द श्राइन बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अदालत में हरियाणा के एडवोकेट जनरल की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि प्रस्तावित बोर्ड में श्रीश्याम मंदिर सेवा समिति का एक प्रतिनिधि भी शामिल होगा।
पानीपत जिले के समालखा से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित चुलकाना धाम को भगवान खाटूश्याम की प्राचीन तपोस्थली माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार भगवान खाटूश्याम जी, महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक का ही स्वरूप हैं, जिन्हें कलियुग का देवता माना जाता है। हर वर्ष हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर भारत के कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु यहां माथा टेकने पहुंचते हैं। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी और द्वादशी पर यहां विशाल मेले लगते हैं, जबकि हर एकादशी पर जागरण और धार्मिक आयोजन होते हैं। सामान्य दिनों में भी हजारों श्रद्धालु रोजाना मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
4.68 एकड़ क्षेत्र में बनेगा आधुनिक श्राइन प्रबंधन
सरकार के अनुसार प्रस्तावित श्राइन बोर्ड 4.68 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा, जो पहले से श्रीश्याम बाबा मंदिर के कब्जे में है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, भीड़ प्रबंधन को व्यवस्थित करना और मंदिर की संपत्तियों का पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करना होगा। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, आवास, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाओं को और मजबूत करने की योजना है। सरकार इसे धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

