यमुनानगर:अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने को प्रशासन सख्त, निगरानी के निर्देश
यमुनानगर, 06 अप्रैल (हि.स.)। यमुनानगर जिले में अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाह की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त प्रीति ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यापक स्तर पर निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं, जिनमें कभी-कभी बाल विवाह की घटनाएं भी सामने आती हैं। इसे रोकना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांवों और शहरी क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी जाए। शिक्षा विभाग को विशेष रूप से स्कूलों में जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यार्थियों के माध्यम से समाज में संदेश पहुंचाने के लिए पोस्टर प्रतियोगिताएं, शपथ ग्रहण और रैलियों का आयोजन करने पर जोर दिया गया। साथ ही ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने और उन पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह कराना दंडनीय अपराध है, जिसमें कारावास और आर्थिक दंड का प्रावधान है। उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल विवाह की सूचना संबंधित विभागों या हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

