सोनीपत:देश की पहली हाईड्रोजन ट्रेन के लिए प्लांट को मिलेगी निर्बाध बिजली आपूर्ति
मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की बैठक
सोनीपत, 06 जनवरी (हि.स.)। देश
की पहली हाइड्रोजन रेलगाड़ी के संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जींद में
स्थापित हाइड्रोजन प्लांट को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारियों
की समीक्षा की गई। उत्तर रेलवे द्वारा जींद और सोनीपत के बीच प्रस्तावित हाइड्रोजन
रेलगाड़ी के लिए ईंधन आपूर्ति इसी प्लांट से की जाएगी। परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने
के साथ ही प्लांट को नियमित संचालन के दौरान स्थिर और गुणवत्तापूर्ण ग्यारह केवी बिजली
उपलब्ध कराई जा रही है।
मंगलवार
को इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के
अधिकारियों के साथ हाइब्रिड माध्यम से बैठक की। बैठक में प्लांट की वर्तमान बिजली आपूर्ति
स्थिति, वैकल्पिक व्यवस्थाओं, बैकअप प्रणाली और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से
चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है, इसलिए
बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। इसके लिए आपूर्ति प्रणाली की नियमित
समीक्षा, वैकल्पिक इंतजाम और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत रखा जाए।
बैठक
में जानकारी दी गई कि हाइड्रोजन रेल परियोजना के लिए जींद में तीन हजार किलोग्राम भंडारण
क्षमता वाला देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया गया है। यह प्लांट चौबीसों
घंटे संचालित होगा, ऐसे में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति अत्यंत आवश्यक
है। प्लांट फिलहाल कमीशनिंग के अंतिम चरण में है और शीघ्र ही पूर्ण संचालन में आ जाएगा।
बिजली
वितरण निगम के अधिकारियों ने बताया कि प्लांट को लगातार स्थिर बिजली आपूर्ति दी जा
रही है। किसी भी तकनीकी समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त निगरानी और त्वरित रखरखाव
की व्यवस्था भी लागू की गई है। अधिकारियों ने यह भी अवगत कराया कि उत्तर रेलवे ने प्लांट
को दी जा रही विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया है। बैठक में बिजली
वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम यादव वीडियो काॅन्फ्रेंस से जुड़े जबकि मुख्य अभियंता
राजेन्द्र सभ्रवाल भी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

