पानीपत: विदेश भेजने के नाम पर 65 लाख की ठगी, मामला दर्ज
पानीपत, 20 मार्च (हि.स.)। पानीपत के गांव खलीला माजरा में एक परिवार को जर्मनी भेजने का झांसा देकर 65 लाख रुपए की ठग लिए। इस खेल में एजेंट ने न लाखों रुपए तो हड़पे ही, बल्कि तीन युवकों को वियतनाम ले जाकर वहां ब्लैकलिस्ट होने के लिए छोड़ दिया। अब पीड़ित परिवार ने एसपी को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव खलीला माजरा निवासी सुरेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक पानीपत को दी शिकायत में बताया कि साल 2022 में उनका संपर्क कुरुक्षेत्र के पेहवा निवासी एजेंट विशाल वशिष्ठ से हुआ था। विशाल ने सुरेश के दो बेटों और उनके साथियों को वैध तरीके से जर्मनी भेजने का वादा किया।
विशाल की बातों में आकर सुरेश ने अपने बेटे योगेश, टिंकू और आशु को विदेश भेजने की बात तय की। सीविशाल ने मार्च 2024 में गांव अहर में आकर पांच लाख रुपए नकद और तीनों के पासपोर्ट ले लिए। अप्रैल 2024 में उन्हें जर्मनी की जगह वियतनाम का वीजा थमा दिया गया और कहा गया कि वे वहां से चार दिन में जर्मनी पहुंच जाएंगे। पीड़ितों के अनुसार, वियतनाम पहुंचने पर एजेंट बलदेव नाम के शख्स ने उनसे संपर्क नहीं किया। विशाल के कहने पर उन्होंने किस्तों में भारी भरकम रकम जमा कराई।
शिकायत में बैंक खातों का पूरा विवरण दिया गया है। वियतनाम में फंसे युवकों को वहां कई दिनों तक होटलों में रखा गया। आरोप है कि विशाल और बलदेव ने उन्हें पुर्तगाल का नकली वीजा और टिकट भी भेजा। इस बीच उनका वियतनाम का वीजा खत्म हो गया, जिससे वे वहां अवैध घोषित हो गए। 3 महीने तक दर-दर भटकने और खुद के खर्च पर खाना खाने के बाद, किसी तरह वे भारत वापस लौट सके।
भारत लौटने पर भी आरोपी विशाल ने उन्हें घर जाने से रोका और दिल्ली के एक होटल में एक महीने तक इस आश्वासन पर रखा कि वह उन्हें दोबारा भेजेगा। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित परिवार जब उसके घर पहुंचा, तो वहां उनके साथ गाली-गलौज के साथ मारपीट की गई। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी विशाल व बलदेव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की धरपकड़ शुरू कर दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा

