चंडीगढ़: सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स पर अंकुश लगाना जरूरी : दीपेंद्र हुड्डा
चंडीगढ़, 27 मार्च (हि.स.)। देश में बच्चों और किशोरों में बढ़ती मोबाइल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स की लत को लेकर रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने चिंता जताई। शुक्रवार काे दीपेंद्र हुड्डा ने लोकसभा में इस विषय को उठाते हुए कहा कि अनियंत्रित स्क्रीन टाइम नई पीढ़ी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है, इसलिए इस पर नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाए जाने की आवश्यकता है।
शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए हुड्डा ने कहा कि आज बच्चे घंटों तक रील्स, वीडियो और ऑनलाइन गेम्स में व्यस्त रहते हैं, जिससे कम उम्र में ही मोबाइल की लत विकसित हो रही है। इसके परिणामस्वरूप बच्चों में नींद की कमी, चिंता, अवसाद और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में गिरावट जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लोकसभाध्यक्ष ने भी इस मुद्दे की गंभीरता को स्वीकार करते हुए हुड्डा की सराहना की और कहा कि शून्य काल में इसी प्रकार के जनहित से जुड़े विषय उठाए जाने चाहिए। वहीं सरकार ने भी आश्वासन दिया कि इस मांग पर ठोस कदम उठाए जाएंगे। हुड्डा ने ऑनलाइन सट्टा आधारित गेम्स पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “एविएटर” जैसे बेटिंग गेम्स युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे गेम्स का प्रचार फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर खुलेआम हो रहा है, जिसे नियंत्रित करना जरूरी है। दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार से मांग की कि भारत में भी आयु सत्यापन, सुरक्षा मानकों और स्क्रीन टाइम सीमाओं को लेकर स्पष्ट और सख्त कानून बनाए जाएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

