चंडीगढ़:  सरकार ने एसीबी में अटैच किये दो आईपीएस व पांच एचपीएस अधिकारी

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चंडीगढ़:  सरकार ने एसीबी में अटैच किये दो आईपीएस व पांच एचपीएस अधिकारी


भ्रष्टाचार के केसों की जांच में आएगी तेजी

चंडीगढ़, 30 मार्च (हि.स.)। हरियाणा में करीब 750 करोड़ के बैंक घोटालों के बाद प्रदेश सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए साेमवार काे स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो में कई आईपीएस व एचपीएस अधिकारियों को अटैच किया है। हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।

एसीबी की तरफ से इस समय मुख्य रूप से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले कि जांच की जा रही है। इन बैंक घोटालों में कई वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा कई वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायतों की जांच चल रही है।

हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में जांच को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सतर्कता एवं एंटी करप्शन ब्यूरो को मजबूती दी है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार 2 आईपीएस और 5 एचपीएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से ब्यूरो में तैनात किया गया है।

यह नियुक्तियां पहले जारी आदेश की कड़ी में की गई हैं, ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच तेज और प्रभावी ढंग से की जा सके। सभी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीजीपी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार आईपीएस

वसीम अकरम, एसपी/एसटीएफ, आईपीएस उपासना, एसपी/सीआईडी,

अरविंद दहिया, एचपीएस, डीएसपी/स्टेट क्राइम ब्यूरो, हरियाणा, राहुल देव, एचपीएस, एसीपी, सोनीपत, मनीष सहगल, एचपीएस, डीएसपी, द्वितीय आईआरबी, भोंडसी,

प्रियंशु देवान, एचपीएस, एसीपी, गुरुग्राम तथा अभिलक्ष जोशी, एचपीएस, एसीपी, गुरुग्राम को स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो में तैनात किया गया है।

आदेश में कहा गया है कि सभी अधिकारी पंचकूला स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो मुख्यालय में रिपोर्ट करेंगे। अधिकारियों की तैनाती से एसीबी की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होने और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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