चंडीगढ़: आईडीएफसी बैंक घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी
चंडीगढ़, 30 मार्च (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए 560 करोड़ के आईडीएफसी बैंक घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की सिफारिश की है।
इस फैसले के बाद मामले में बड़े खुलासों और सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
यह घोटाला सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है।
आरोप है कि विभिन्न खातों और योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। मामले में बैंक अधिकारियों के साथ-साथ कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
हरियाणा सरकार ने पहले इस मामले की जांच पंचकूला पुलिस को दी। इसके बाद मामले की जांच एसीबी को सौंपी गई। एसीबी द्वारा एक दर्जन से अधिक अरोपियो को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसीबी अभी इस मामले की जांच कर ही रही थी कि कोटक महिंद्रा बैंक में करीब 160 करोड़ का घोटाला उजागर हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है, ताकि निष्पक्ष और गहन जांच हो सके। सीबीआई जांच से पूरे नेटवर्क, लेन-देन की प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की पहचान स्पष्ट होने की संभावना है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है और सभी वित्तीय लेन-देन का ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यदि सीबीआई जांच शुरू होती है, तो यह मामला हरियाणा के बड़े बैंकिंग घोटालों में शामिल हो सकता है और कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

