अग्र समाज के स्थापना दिवस पर 17 मई को चंडीगढ़ में ‘एक शाम अग्रसेन के नाम’:असीम गोयल

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अग्र समाज के स्थापना दिवस पर 17 मई को चंडीगढ़ में ‘एक शाम अग्रसेन के नाम’:असीम गोयल


-हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी होंगे मुख्य अतिथि

-पंजाब,चंडीगढ़ व हरियाणा मिलकर करेंगे आयोजन

चंडीगढ़, 14 मई (हि.स.)। अग्र समाज के 5143वें स्थापना दिवस पर 17 मई को चंडीगढ़ स्थित सर्कस ग्राउंड में एक कार्यक्रम ‘एक शाम अग्रसेन जी के नाम’ होगा। यह कार्यक्रम महाराजा अग्रसेन के आदर्शों और उनके गौरवशाली इतिहास को समर्पित है। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। गुरुवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के पूर्व मंत्री असीम गोयल ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। इस अवसर पर चंडीगढ़ के पूर्व मेयर अनूप गुप्ता, नवीन गर्ग, प्रदीप गोयल, जगमोहन गर्ग, आनंद सिंगला व तेजेंद्र गुप्ता (टोनी) मौजूद रहे। पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने 5143 वर्ष पूर्व अग्रवाल वैश्य समाज की स्थापना की थी।

पिछले वर्ष पहली बार इस स्थापना दिवस का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया था, जिसे देशभर से व्यापक समर्थन मिला। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा की टीम मिलकर चंडीगढ़ में दूसरा भव्य आयोजन कर रही है। गोयल ने कहा कि 17 मई को होने वाले इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पवन जिंदल और संत संपूर्णानंद महाराज कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि देश भर से हजारों अग्र बंधु कार्यक्रम में पहुंचेंगे। इसके लिए सुरक्षा, पार्किंग, बैठने, पेयजल और अन्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, समाज के इतिहास पर आधारित आयोजन और सामाजिक एकता का संदेश भी प्रमुख रूप से दिया जाएगा।

पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कहा कि कार्यक्रम एक शाम अग्रसेन जी के नाम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और अग्रवाल समाज की एकजुटता को बढ़ावा देना है।

पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी का एक रुपया और एक ईंट का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। असीम गोयल ने बताया कि महाराजा अग्रसेन जी ने हरियाणा के हिसार के पास अग्रोहा को बसाया। यज्ञ में पशु बलि निषेध की। उन्होंने अग्रोहा को अपनी राजधानी बनाया और एक समृद्ध वैश्य (व्यापारी) राज्य की स्थापना की।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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