सोनीपत:मोबाइल एप और डिजिटल प्रणाली से होगी भारत की जनगणना

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सोनीपत:मोबाइल एप और डिजिटल प्रणाली से होगी भारत की जनगणना


सोनीपत, 05 मार्च (हि.स.)। सोनीपत में वर्ष 2027 में होने वाली राष्ट्रीय जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न

कराने के उद्देश्य से जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नगराधीश डॉ. अनमोल ने की। जिला सांख्यिकी विभाग द्वारा आयोजित

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आगामी जनगणना को सुव्यवस्थित और प्रभावी तरीके से पूरा करना

है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, सुपरवाइजर और फील्ड ट्रेनर

शामिल हुए। कार्यक्रम में जनगणना की नई कार्यप्रणाली, डिजिटल प्रणाली और प्रशासनिक

जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि वर्ष

2027 की जनगणना देश की पहली डिजिटल प्रणाली पर आधारित जनगणना होगी। इसमें मोबाइल एप

और सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से आँकड़ों का ऑनलाइन संकलन किया जाएगा। इस प्रणाली के

माध्यम से प्रत्येक कार्य की डिजिटल निगरानी संभव होगी। यूजर आईडी के माध्यम से कार्य

का समय, स्थान तथा संबंधित गतिविधियों का स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे

प्रशासनिक दक्षता और आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

मुख्य प्रशिक्षक ब्रजमोहन शर्मा ने बताया कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य

है। इसके आँकड़े आने वाले वर्षों में देश की विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के

संतुलित वितरण का आधार बनते हैं। सटीक और विश्वसनीय आँकड़े आर्थिक, सामाजिक और क्षेत्रीय

विकास की योजनाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण में अधिकारियों

को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।

बताया गया कि प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर राज्य स्तर पर जनगणना की रणनीतिक योजना

और समन्वय का कार्य करते हैं, जबकि जिला सेंसस ऑफिसर और उपमंडल अधिकारी जिला तथा उपखंड

स्तर पर प्रशिक्षण, संसाधन प्रबंधन और फील्ड कार्यों की निगरानी करते हैं। चार्ज ऑफिसर

अपने क्षेत्र में जनगणना कार्यों के सुचारु संचालन, कर्मचारियों के मार्गदर्शन, आँकड़ों

के संकलन की निगरानी तथा समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया गया कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की

लापरवाही या नियमों का उल्लंघन गंभीर माना जाएगा। सीएमएमएस पोर्टल में बिना अनुमति

आँकड़ों में बदलाव, रिकॉर्ड अद्यतन करने में देरी या दस्तावेजों के अनुचित उपयोग को

अनुशासनहीनता माना जाएगा। जिला प्रशासन ने अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों से

इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करने की अपील की है, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर विकास

की मजबूत नींव रखी जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

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