यमुनानगर:जनगणना तैयारियों के बीच शिक्षकों की ड्यूटी से पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका

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यमुनानगर, 13 अप्रैल (हि.स.)जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच यमुनानगर में शिक्षण व्यवस्था पर प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। प्रशासन द्वारा बड़ी संख्या में शिक्षकों को गणनाकर्मी के रूप में नियुक्त किए जाने से स्कूलों में पढ़ाई पर असर को लेकर चिंता सामने आई है।

जिले में करीब 3600 शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से 2838 शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया गया है। पहले से ही शिक्षकों की संख्या सीमित है, वहीं कुछ शिक्षक हाल ही में सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ आगामी महीनों में रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में स्कूलों में स्टाफ की कमी और बढ़ सकती है।

हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि इस स्थिति से निपटने के लिए विशेष रोस्टर तैयार किया गया है। इसके तहत शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से जनगणना कार्य में लगाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

उपायुक्त प्रीति ने लघु सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जनगणना 2027 को दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं भवन गणना’ एक मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित होगा, जिसमें जनसंख्या का विवरण एकत्र किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा भी दी जा रही है। यह प्रक्रिया 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी, जिसमें लोग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए मोबाइल नंबर आधारित सत्यापन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन के अनुसार, पोर्टल पर घर की लोकेशन दर्ज करने के बाद निर्धारित प्रश्नों के उत्तर भरने होंगे। जानकारी जमा करने के बाद एक विशिष्ट आईडी प्राप्त होगी, जिसे सत्यापन के समय प्रस्तुत करना होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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