जींद : भविष्य में किसानों के लिए डैथ वारंट साबित होगा अमेरिका व्यापार समझौता : डल्लेवाल

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जींद : भविष्य में किसानों के लिए डैथ वारंट साबित होगा अमेरिका व्यापार समझौता : डल्लेवाल


जींद, 01 मार्च (हि.स.)। भारतीय किसान एकता (सिद्धपुर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि कि भविष्य में किसानों के लिए डैथ वारंट साबित होने जा रहे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करवाने के लिए पूरे देश के किसानों को एकजुट होना पड़ेगा। देश के किसानों पर 25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। यदि किसानों को उनकी फसलों के वाजिब दाम मिलते तो उनके पास लगभग 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत होती। जिससे किसान अपनीपारिवारिक जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकते थे। व्यापार समझौते के कारण भारतीय किसानों की फसलों की खरीद बंद होने की संभावना को टालने के लिए एक बड़े संघर्ष के लिए एकजुट होने की जरूरत है।

डल्लेवाल रविवार को जाट धर्मशाला में किसानों को संबोधित कर रहे थे। किसान जागृति यात्रा नेतृत्व कर रहे जगजीत सिंह डल्लेवाल का किसानों ने फूलमालाओ से स्वागत किया और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि 19 मार्च को दिल्ली रामलीला ग्राउंड में एक बड़ी किसान महापंचायत होगी। जिसमें देशभर के किसान अपनी मांगों के समर्थन में इक्कठे होंगे। सरकार को किसानों की मांगों को मानना होगा और एमएसपी गारंटी कानून को लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 25 वर्षों के दौरान देश के किसानों की फसल सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दामों पर खरीदे जाने के कारण उन्हें 111 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुक्सान हुआ है।

किसानों के साथ झूठी हमदर्दी दिखा कर किसानों के वोट बटोरने का काम करती रही हैं। एमएसपी गारंटी कानून लागू करवा कर किसानों की लूट को रोकना होगा। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि भारत के किसान सभी फसलों का उचित मूल्य देने के लिए लंबे समय से एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ केंद्र सरकार 80 लाख रुपये तक की सालाना सब्सिडी प्राप्त करने वाले अमेरिका के किसानों की उपज भारत में बिकवाने के लिए अमेरिका की सरकार से समझौता कर चुकी है। जागृति यात्रा गांव-गांव जाकर किसानों को संगठित करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही है। जिसके बाद यात्रा नारनाैंद लिए रवाना हो गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

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