जींद में तीन नाबालिग बच्चे वर व वधु बनने से बचे
जींद, 17 अक्टूबर (हि.स.)। बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम की सर्तकता से जिले के करसिंधु गांव में तीन नाबालिग बच्चों को वर व वधु बनने से बचाया गया है। टीम ने बाल विवाह की सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए नाबालिगों की शादी को रूकवाया और साथ ही परिजनों को विवाह न करने के लिए चेताया। इसके अलावा बाल विवाह से होने वाले नुकसान की जानकारी भी दी। जिस पर परिजनों ने लिखित में आश्वासन दिया कि अब वह बालिग होने पर ही अपने बच्चों का विवाह करेंगे।
बाल विवाह निषेध अधिकारी को सूचना मिली थी कि जिले के गांव करसिंधु में दो नाबालिग लड़कियों की शादी करवाई जा रही है और बारात हिसार जिले के गांव मिर्जापुर से आने वाली है। इस पर कार्रवाई करते हुए शनिवार को सहायक रवि लोहान, महिला थाना से आरती, रीतु, नीलम, सुरेश, दीपक, विनोद व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एवं एमडीडी ऑफ इंडिया से जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा तथा मनीष के साथ मौके पर हो रहे विवाह स्थल पर पहुंचे। टीम द्वारा परिजनों से लड़कियों के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो परिजनों ने पहले तो काफी टाल-मटोल करने की कोशिश की और लड़कियों उम्र पूरी होने की बात कही लेकिन जब उनको कड़ी कार्यवाही करने की बात कही गई तो लगभग तीन घंटे के बाद सबूत दिखाए गए, उसमें दुल्हन बनी दोनों लड़कियों की उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई।
इसके बाद दूल्हे बन कर आए दोनों लड़कों के जन्म से संबंधित कागजात की जांच की गई तो एक दूल्हा भी 21 वर्ष से कम मिला। इस पर उसके परिजनों द्वारा बताया गया कि दोनों लड़कियों के माता-पिता अनपढ़ हैं और उन्हें किसी कानून की कोई जानकारी नही है। इसलिए वह शादी का खर्चा बचाने के ऐसा कर रहे थे। इस पर परिजनों को समझाया गया कि तीनों बच्चे नाबालिग हैं। इसलिए आप उनके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए और बालिग होने के बाद शादी करने पर आपको सरकार द्वारा दी जाने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

