हिसार : आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! नवजात को कागजों में भर्ती दिखाकर 48 हजार क्लेम का आरोप

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हिसार : आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! नवजात को कागजों में भर्ती दिखाकर 48 हजार क्लेम का आरोप


हिसार : आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! नवजात को कागजों में भर्ती दिखाकर 48 हजार क्लेम का आरोप


सीएम फ्लाइंग व स्वास्थ्य विभाग की

टीम ने उकलाना के निजी अस्पताल पर की रेड

हिसार, 22 मार्च (हि.स.)। केंद्र सरकार

की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला

जिले के उकलाना से सामने आया है। यहां एक निजी अस्पताल पर आरोप है कि उसने एक नवजात

बच्चे को कागजों में भर्ती दिखाकर 48 हजार की राशि निकाल ली। मामले की शिकायत मिलने

पर सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार को अस्पताल पर छापा मारकर

जांच की, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना

के नेतृत्व में गठित टीम, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर विश्वजीत चौहान, सहायक

राम भगत, लिपिक प्रदीप कुमार, एएसआई सुरेंद्र सहित अन्य अधिकारी शामिल थे, ने उकलाना

मंडी स्थित विधाता नर्सिंग होम में अचानक रेड की।

शिकायत से खुला मामला

गांव बिठमड़ा निवासी संदीप कुमार ने

आरोप लगाया कि वह तीन मार्च को अपनी पत्नी सोनिया को डिलीवरी के लिए उक्त अस्पताल में

लेकर आया था। यहां सामान्य प्रसव हुआ और सात मार्च को जच्चा-बच्चा पूरी तरह स्वस्थ

होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। अस्पताल को इलाज व डिलीवरी के खर्च के 25 हजार की

राशि अदायगी की गई।

पीड़ित के अनुसार, उसने डॉक्टर से

आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज करने का अनुरोध किया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने मना

कर दिया और उनकी पत्नी का आधार कार्ड व आयुष्मान कार्ड अपने पास रख लिया। गत 14 मार्च

को जब वह पत्नी को चेकअप के लिए अस्पताल लेकर गया, तो डॉक्टर ने अगले दिन बच्चे को

भी साथ लाने के लिए कहा। हालांकि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होने के कारण वह उसे अस्पताल

नहीं ले गया। इसके बावजूद 15 मार्च को अस्पताल की ओर से बार-बार फोन कर बच्चे को लाने

का दबाव बनाया गया।

कागजों में भर्ती, घर पर था बच्चा!

संदीप कुमार के अनुसार, 15 मार्च को

वह अकेला ही अस्पताल पहुंचा, जहां स्टाफ से उसे जानकारी मिली कि उसके नवजात बच्चे को

7 मार्च से ही अस्पताल में भर्ती दिखाया गया है। यह सुनकर उसे शक हुआ और उसने तुरंत

अपनी पत्नी के दस्तावेज अस्पताल से वापस ले लिए। बाद में जब उसने सीएससी सेंटर पर आयुष्मान

कार्ड की जांच करवाई, तो सामने आया कि अस्पताल ने उसके बच्चे को फर्जी तरीके से एडमिट

दिखाकर 48 हजार की राशि क्लेम कर ली है।

जांच में सामने आईं गंभीर खामियां

मामले की सूचना मिलने पर सीएम फ्लाइंग

और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में छापेमारी की। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं

सामने आईं। जांच में पता चला कि बच्चों की नर्सरी में कोई प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद नहीं

मिला, अस्पताल के बच्चों की नर्सरी में सीसीटीवी कैमरे नहीं, आयुष्मान योजना से संबंधित

कोई रिकॉर्ड या रजिस्टर मेंटेन नहीं, बिना डिग्री वाले युवक-युवतियों से चिकित्सा कार्य

करवाया जा रहा था, स्टाफ का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं, बिल बुक व अन्य जरूरी

दस्तावेज भी नहीं मिले। जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप भी सही पाए गए हैं।

कार्रवाई की तैयारी

सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना

ने बताया कि आयुष्मान योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य

सेवाएं उपलब्ध करवाना है, लेकिन इस तरह के फर्जीवाड़े से न केवल सरकार को आर्थिक नुकसान

होता है बल्कि पात्र लोगों के अधिकारों का भी हनन होता है। टीम ने बताया कि मामले को

गंभीरता से लेते हुए संबंधित अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायत

सौंपी गई है। साथ ही स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी भी अस्पताल द्वारा योजना का

दुरुपयोग किया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। टीम ने आमजन से अपील की

है कि यदि किसी अस्पताल द्वारा आयुष्मान योजना के तहत इलाज में किसी प्रकार की अनियमितता

सामने आती है, तो तुरंत संबंधित विभाग को शिकायत करें, ताकि ऐसे मामलों पर समय रहते

कार्रवाई की जा सके। जांच के दौरान पीड़ित महिला सोनिया व परिवार के अन्य सदस्य भी मौके

पर पहुंचे और अपने बयान दिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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