कैथल: हत्या के आरोपी महंत को ग्रामीणों ने दिया गांव निकाला, महेश पुरी को सौंपी डेरे की गद्दी
कैथल, 07 सितंबर (हि.स.)। बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में साधु शिव शंकर पुरी की हत्या के बाद ग्रामीणों ने बड़ा फैसला लेते हुए हत्या के आरोपी महंत दूजपुरी का गांव निकाला कर दिया। सोमवार को डेरे में हुई पंचायत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से तय किया कि दूजपुरी अब न तो गांव में प्रवेश कर सकेंगे और न ही डेरे में आ सकेंगे।
पंचायत में बाबा महेश पुरी को डेरे की महंती की जिम्मेदारी सौंप दी गई। ग्रामीणों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के बीच परंपरागत तरीके से बाबा महेश पुरी को महंत की गद्दी पर बैठाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। डेरे में दिनभर ग्रामीणों और साधु समाज के लोगों की आवाजाही लगी रही। ग्रामीणों ने डेरे की व्यवस्था संभालने के लिए एक कमेटी का गठन भी किया है। कमेटी डेरे की देखरेख के साथ आय-व्यय का हिसाब भी रखेगी।
महंत बनाए गए बाबा महेश पुरी अब तक गांव कमालपुर स्थित बाबा राजपुरी डेरे में रह रहे थे। ग्रामीणों के फैसले के बाद उन्हें कमालपुर से बाबा लदाना लाया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न डेरे और मंदिरों से साधु समाज के लोग भी बाबा लदाना पहुंचे। उनकी मौजूदगी में महेश पुरी को डेरे की गद्दी सौंपी गई। डेरे में मौजूद ग्रामीणों के अनुसार फिलहाल डेरे में मौजूद पशुओं और फसलों की देखरेख ग्रामीणों और प्रशासन की ओर से मिलकर की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि दूजपुरी वर्ष 2004 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से बाबा लदाना स्थित डेरे में आया था। उस समय ओमपुरी डेरे के महंत थे। दूजपुरी ने उनके शिष्य के रूप में डेरे में रहना शुरू किया। वर्ष 2012 में ओमपुरी के बाद ग्रामीणों ने दूजपुरी को डेरे की गद्दी सौंप दी थी। इसके बाद से वही डेरे की जिम्मेदारी संभाल रहा था।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

