जींद : दस लाख लाभार्थियों में से आठ लाख के बने आयुष्मान कार्ड
जींद, 24 फ़रवरी (हि.स.)। एडीसी प्रदीप कुमार ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजना है। जिसके तहत गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
एडीसी मंगलवार को लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले में लगभग 10 लाख लाभार्थी चिन्हित हैं। जिनमें से 8 लाख के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। शेष लाभार्थियों को भी शीघ्र योजना से जोडऩे के निर्देश दिए गए हैं। यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को गंभीर बीमारियों के इलाज में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा इसी कड़ी में चिरायु योजना संचालित की जा रही है ताकि राज्य के अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में शेष बचे सभी पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएं। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों, सरपंचों, ग्राम सचिवों तथा शहरी निकायों के पार्षदों के माध्यम से वार्डवार मुनादी कर व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अटल सेवा केंद्रों पर पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड तुरंत बनाए जाएं और किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित न रहने दिया जाए। परिवार पहचान पत्र में जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये तक है वे योजना के पात्र हैं। एक लाख 80 हजार से तीन लाख रुपये आय वर्ग वाले परिवार 1500 रुपये वार्षिक शुल्क जमा कर योजना का लाभ ले सकते हैं। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग भी योजना के दायरे में शामिल हैं। जिले में 23 निजी अस्पताल इस योजना के तहत पैनल पर हैं। जबकि 38 नागरिक अस्पतालए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी आयुष्मान कार्ड धारक निशुल्क उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

