नूंह में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते 24 घंटे से अधिक समय से बिजली गुल

WhatsApp Channel Join Now
नूंह में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते 24 घंटे से अधिक समय से बिजली गुल


नूंह, 23 अक्टूबर (हि.स.)। गुरुग्राम और नूंह जिले में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। गुरुवार से शुरू हुई हड़ताल के चलते नूंह जिले में बिजली आपूर्ति बाधित होने से शुक्रवार काे भी आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। जिले में 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद बिजली संकट से लोगों को राहत नहीं मिल पाई है। ऐसे में लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।

बिजली आपूर्ति ठप होने से एटीएम, साइबर कैफे, दूध की डेयरियों सहित बिजली पर निर्भर अन्य व्यवसायों का कामकाज प्रभावित हुआ है। बिजली के अभाव में कई जगहों पर लोगों को अपने दैनिक कार्य निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कारोबारियों के सामने भी कामकाज जारी रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। बिजली संकट लंबा खिंचने से अब लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करने की आशंका भी सताने लगी है। बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे आमजन की मुश्किलें और बढ़ेंगी। यदि जल्द बिजली बहाल नहीं हुई तो जिले के कई क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त होने की स्थिति पैदा हो सकती है।

गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के निजीकरण के फैसले को लेकर पहले से ही विरोध जारी है। बिजली कर्मचारी इस फैसले के खिलाफ तीन दिन की हड़ताल पर हैं, वहीं आम लोगों को बिजली संकट का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में हरियाणा बिजली नियामक आयोग के फैसले और बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण को लेकर बहस तेज हो गई है। अब सवाल यह है कि निजीकरण की प्रक्रिया और कर्मचारियों के विरोध के बीच आम जनता को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। बिजली आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो लोगों को बिजली के साथ-साथ पेयजल और रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों को लेकर भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

765361 Articles

Share this story