एंटी क्रप्शन ब्यूरो के निशाने पर अधिकारी, 190 भ्रष्टाचारियों की सूची तैयार

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रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारियों को दोबारा उसी जिले में नहीं मिलेगी पोस्टिंग

चंडीगढ़, 18 सितंबर (हि.स.)। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला ने बताया कि रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भविष्य में उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग न देने के संबंध में सभी संबंधित सरकारी विभागों को पत्र लिखा गया है। यह निर्णय एसीबी की हाई पावर कमेटी में विचार-विमर्श के बाद लिया गया है और इसे जल्द लागू किया जाएगा। चावला ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में जारी जानकारी में बताया कि कई बार ऐसा देखने में आया कि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई होने के बाद कुछ समय पश्चात उसकी दोबारा उसी जिले में पोस्टिंग हो जाती थी। इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के उद्देश्य और आमजन के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।इसी विषय को गंभीरता से लेते हुए एसीबी की हाई पावर कमेटी में इस मुद्दे पर चर्चा की गई और सरकार के समक्ष आवश्यक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया। अब सभी सरकारी विभागों को पत्र भेजकर ऐसे मामलों में उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग से बचने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

एसीबी प्रमुख ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक 138 सफल ट्रैप कार्रवाई की जा चुकी हैं, जिनमें सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि आमजन अब भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रहा है और एसीबी की कार्रवाई व्यवस्था पर उसका विश्वास मजबूत हुआ है।

एसीबी प्रमुख ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से अब तक 21 मामलों में 23 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विभिन्न न्यायालयों द्वारा कठोर सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहती, बल्कि एसीबी द्वारा मामलों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाते हुए दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

चावला ने बताया कि एसीबी द्वारा प्रदेश में ऐसे 190 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है, जिनके संबंध में लगातार भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें अथवा इनपुट सामने आए हैं। ऐसे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है और उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडऩे के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एसीबी का उद्देश्य केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्राप्त सूचनाओं और शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर भ्रष्टाचार के संभावित स्रोतों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करना भी है।

चावला ने बताया कि एसीबी द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त शिकायतों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन विभागों, कार्यालयों और क्षेत्रों से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें अधिक प्राप्त हो रही हैं और कौन से क्षेत्र भ्रष्टाचार के हॉटस्पॉट के रूप में सामने आ रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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