कैथल: कलाई पर राखी, आंखों में आंसू और दिल में दुआ... सलाखों के पीछे भाइयों काे मिला बहनों का प्यार
कैथल, 28 अगस्त (हि.स.)। कलाई पर राखी बांधते समय आंखों से छलके आंसू और भाई के लिए निकली दुआ... रक्षाबंधन पर कैथल जिला कारागार में शुक्रवार को भाई-बहन के रिश्ते की ऐसी ही भावुक तस्वीरें देखने को मिलीं। सलाखों के पीछे बंद भाइयों से मिलने पहुंची बहनों के लिए कुछ पल बेहद खास थे। लंबे समय बाद सामने आए भाई को देखकर कई बहनें भावुक हो गईं। किसी ने भाई को गले लगाया तो किसी ने राखी बांधकर उसके अच्छे भविष्य और जल्द परिवार के बीच लौटने की कामना की।
रक्षाबंधन के चलते सुबह से ही जिला कारागार के बाहर बहनों और महिला परिजनों की भीड़ जुटने लगी थी। सुरक्षा जांच के बाद महिला परिजनों को एक-एक कर जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। जेल के भीतर मुलाकात के दौरान भावनाओं का ऐसा सिलसिला चला कि कुछ देर के लिए ऊंची दीवारें और सलाखें भी भाई-बहन के स्नेह के सामने छोटी पड़ती नजर आईं।
जेल परिसर में ही राखी, तिलक और मिठाई की व्यवस्था
बंदियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए जेल प्रशासन की ओर से परिसर में ही राखी, रक्षासूत्र, तिलक और मिठाई की व्यवस्था की गई थी। ऐसे में परिजनों को बाहर से राखी और मिठाई लेकर आने की जरूरत नहीं पड़ी। जेल प्रशासन के अनुसार करीब 717 बंदियों को उनकी बहनों, महिला परिजनों और बच्चों ने राखी बांधी। इस दौरान महिला बंदियों ने भी अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। भाई-बहन के इस मिलन में जेल के माहौल में भी अपनापन नजर आया। एक महिला बंदी द्वारा जेल में तैनात पुलिसकर्मी की कलाई पर राखी बांधने का दृश्य भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। इस पल ने जेल की चारदीवारी के बीच रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं की एक अलग तस्वीर पेश की।
जेल अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि डीजीपी के आदेशानुसार मुख्य गेट के अंदर ओपन मुलाकात की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने बताया कि शाम के समय बंदियों के लिए मीठी खीर सहित अन्य पकवान भी तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परिवार से जुड़े रहने का मौका बंदियों के लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण होता है। ऐसे आयोजन उन्हें अपने परिजनों और समाज से जोड़े रखने में मदद करते हैं तथा अकेलेपन, निराशा और तनाव की भावना को कम करने में भी सहायक होते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

