त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर एक्शन : हर जिले में बनेंगी निगरानी टीमें
मिठाई, दूध, पनीर और खोये की होगी कड़ी जांच, हर जिले को 150 खाद्य सैंपल भरने का लक्ष्य
खाद्य नमूनों की रिपोर्ट हर सप्ताह राज्य पोर्टल पर होगी अपलोड, लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
हरियाणा में छह माह में 2,428 खाद्य नमूनों की जांच, 381 नमूने मानकों पर फेल
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर (हि.स.)। नायब सरकार ने त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने का एक्शन प्लान तैयार किया है। हर जिले में विशेष निगरानी टीमें गठित की जाएंगी। इसके साथ ही, हर जिले को 150 अतिरिक्त खाद्य सैंपल भरने का लक्ष्य दिया गया है।
प्रदेशभर में छह माह में 2,428 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 381 सैंपल फेल पाए गए। लिहाजा, इसको देखते हुए दीपावली और छठ पूजा के दौरान मिठाई, दूध, पनीर और खोये में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा निगरानी अभियान तेज करने का फैसला किया है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रत्येक जिले में 100 से 150 अतिरिक्त सर्विलांस नमूने लेने और विशेष खाद्य निगरानी दल गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये दल बाजारों, मिठाई की दुकानों, डेयरियों और खाद्य कारोबार परिसरों का निरीक्षण करेंगे। प्रयोगशाला जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई होगी। जांच रिपोर्ट और प्रवर्तन कार्रवाई की साप्ताहिक निगरानी भी की जाएगी। विशेष अभियान के तहत हरियाणा के सभी उपायुक्तों को पत्र लिखकर कहा गया है कि वे जिला प्रशासन की निगरानी में संबंधित अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के समन्वय से जिला स्तरीय विशेष खाद्य निगरानी दलों का गठन करें।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी सर्विलांस नमूने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिए जाएं, उनका उचित दस्तावेजीकरण किया जाए तथा विश्लेषण के लिए समयबद्ध तरीके से संबंधित खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं में भेजा जाए। प्रयोगशालाओं से प्राप्त विश्लेषण रिपोर्टों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य नमूनों के मामलों में नियमानुसार शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
1 अप्रैल से 30 सितंबर तक 2,428 सैंपल भरे गए
डॉ मनोज कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा हरियाणा में 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 की अवधि के दौरान कुल 1,239 प्रवर्तन नमूने तथा 1,189 सर्विलांस नमूने, अर्थात कुल 2,428 खाद्य नमूने लिए गए। प्रयोगशाला विश्लेषण के उपरांत इनमें से 232 प्रवर्तन नमूने तथा 149 सर्विलांस नमूने निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इन मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक नियामकीय एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

