हिसार : नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया : डॉ. आशा खेदड़

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हिसार : नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया : डॉ. आशा खेदड़


महिलाओं को ‘नीति की लाभार्थी’ से ‘नीति की निर्माता’ बनाने का मार्ग प्रशस्त

करेगा अधिनियम

हिसार, 13 अप्रैल (हि.स.)। भाजपा जिला अध्यक्ष

डॉ. आशा खेदड़ ने कहा है कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी शक्ति वंदन अधिनियम

एक युगांतरकारी कदम के रूप में सामने आया है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं

के लिए एक-तिहाई आरक्षण का यह प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है,

बल्कि नीति निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस

पहल है। इसका शीघ्र और प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं को ‘नीति की लाभार्थी’ से ‘नीति की निर्माता’ बनाने का मार्ग प्रशस्त

करेगा और यही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बनेगा।

डॉ. आशा खेदड़ ने साेमवार काे कहा कि इस अधिनियम के लागू

होने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव देखने को

मिलेगा। जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य,

पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे विषय अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आते हैं। स्थानीय

निकायों में महिलाओं के आरक्षण का अनुभव पहले ही यह दर्शा चुका है कि महिला प्रतिनिधित्व

से नीतियां अधिक जन-केंद्रित और प्रभावी बनती हैं। अब यही प्रभाव संसद और विधानसभाओं

के स्तर पर दिखाई देगा, जिससे विकास की दिशा अधिक संतुलित और समावेशी होगी।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाया

है और लड़कियों की माध्यमिक स्तर की नामांकन दर 80.2 प्रतिशत तक पहुंची है। सुकन्या

समृद्धि योजना के तहत 4.6 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं, जो बेटियों के भविष्य को

आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। उच्च शिक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में

लगातार वृद्धि इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करती है। स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र

में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से 4.27

करोड़ से अधिक महिलाओं को पोषण सहायता प्राप्त हुई है। पोषण 2.0 के अंतर्गत 14 लाख

से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए 8.97 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंच रही हैं।

इन प्रयासों का परिणाम यह है कि मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, जो महिला

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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