हिसार : बिजली बिलों की बकाया राशि से बचने काे नए कनेक्शन लेने की होगी जांच: विक्रम सिंह
डिफॉल्टर परिसरों में नए कनेक्शन से बिजली लेने
के मामलों की 15 दिन में होगी जांच
हिसार, 09 अक्टूबर (हि.स.)। बिजली बिलों की बकाया
राशि की वसूली को लेकर दक्षिण एवं उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने सख्ती बरतनी शुरू
कर दी है। निगम प्रबंधन ने स्थायी रूप से बिजली कनेक्शन काटे जाने (पीडीसीओ) के बाद
बकाया राशि वाले परिसरों में नए कनेक्शन के जरिए दोबारा बिजली आपूर्ति शुरू किए जाने
के मामलों की जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को 15 दिन के भीतर जांच पूरी
करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जांच में लापरवाही
या नियमों की अनदेखी सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार
ऐसे परिसरों की पहचान कर पुराने और नए बिजली कनेक्शनों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच
की जाएगी, जहां पहले बकाया बिलों या अन्य कारणों से कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिया
गया था और बाद में उसी परिसर में नए कनेक्शन के माध्यम से बिजली आपूर्ति शुरू कर दी
गई। जांच के दौरान पुराने उपभोक्ता की बकाया राशि, पूर्व कनेक्शन का विवरण, नए कनेक्शन
के लिए जमा करवाए गए आवेदन और दस्तावेजों सहित परिसर से संबंधित रिकॉर्ड का मिलान किया
जाएगा।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं
पुराने बिजली बिलों की बकाया राशि से बचने के लिए नए कनेक्शन का सहारा तो नहीं लिया
गया। इसके साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि नए कनेक्शन जारी करते समय निगम के निर्धारित
नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं। अधिकारियों को सभी संबंधित दस्तावेजों
और उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
निगम प्रबंधन ने जांच निर्धारित समय-सीमा में
पूरी करने पर जोर दिया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगामी
कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण
तथ्य की अनदेखी न हो और पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड एवं तथ्यों के आधार पर पूरी की जाए।
जनसंपर्क अधिकारी संजय चुघ ने शुक्रवार काे बताया कि प्रबंध
निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार बकाया राशि की वसूली और नियमों के अनुपालन से
जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पीडीसीओ वाले परिसरों में नए कनेक्शन के
माध्यम से बिजली आपूर्ति किए जाने के मामलों की 15 दिन में जांच करवाना इसी दिशा में
उठाया गया कदम है। जांच में नियमों की अनदेखी या प्रक्रिया संबंधी अनियमितता सामने
आने पर उपलब्ध तथ्यों और लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य
व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना और बकाया राशि से संबंधित नियमों का समान रूप
से पालन करवाना है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

