एसीबी ने अब तक रिश्वत लेते पकड़े 172 अधिकारी व कर्मचारी

WhatsApp Channel Join Now

-पिछले एक दशक में सर्वाधिक कार्रवाई

-वर्ष 2025 के मुकाबले भी 21.3 प्रतिशत की वृद्धि

चंडीगढ़, 23 अक्टूबर (हि.स.)। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा वर्ष 2026 में ट्रैप केसों के मामले में पिछले 10 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 21 अक्टूबर 2026 तक हरियाणा एसीबी द्वारा कुल 171 ट्रैप केस दर्ज किए जा चुके हैं, जो वर्ष 2016 से अब तक किसी भी एक वर्ष में दर्ज ट्रैप केसों की सर्वाधिक संख्या है। वर्ष 2022 में दर्ज 170 ट्रैप केसों का पिछला रिकॉर्ड भी इस वर्ष पीछे छूट गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 अभी समाप्त नहीं हुआ है और ब्यूरो ने अक्टूबर माह में ही पिछले दशक का सर्वाधिक वार्षिक आंकड़ा पार कर लिया है।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख डॉ. ए.एस. चावला ने कहा कि जो अधिकारी या कर्मचारी बिना रिश्वत लिए आमजन का जायज काम नहीं करते, लोगों को जानबूझकर कार्यालयों के चक्कर कटवाते हैं और अपने पद का दुरुपयोग कर उन्हें परेशान करते हैं, उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी एसीबी के रडार पर हैं। आमजन को परेशान कर रिश्वत मांगने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

ब्यूरो द्वारा 1 जनवरी से 30 सितंबर 2026 तक विभिन्न अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के विरुद्ध कुल 191 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें से 155 ट्रैप केसों में 16 राजपत्रित अधिकारियों, 131 अराजपत्रित कर्मचारियों तथा 25 निजी व्यक्तियों सहित कुल 172 आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

वर्ष 2026 के दौरान 30 सितंबर तक ब्यूरो ने 88 नई जांचें दर्ज कीं। वहीं, 15 सितंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 61 जांचें पूरी की गईं। इन पूर्ण जांचों में से 16 जांचों के आधार पर 74 राजपत्रित अधिकारियों और 20 अराजपत्रित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई। इसके अतिरिक्त, 10 जांचों में 7 राजपत्रित अधिकारियों, 16 अराजपत्रित कर्मचारियों तथा 40 निजी व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की गई।

21 मामलों में 26 आरोपियों को कठोर कारावास

भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई को प्रभावी बनाने में दोषसिद्धि भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 1 जनवरी से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के दौरान ब्यूरो द्वारा दर्ज 21 आपराधिक मामलों में 23 अधिकारियों/कर्मचारियों तथा 3 निजी व्यक्तियों सहित कुल 26 आरोपियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। दोषसिद्ध अधिकारियों एवं कर्मचारियों में विद्युत विभाग के 5, पुलिस विभाग के 6, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के 1, सिंचाई विभाग के 2, शिक्षा विभाग के 2, आबकारी एवं कराधान विभाग के 2, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 2, स्किल डेवलपमेंट विभाग के 1, हरियाणा वेयरहाउस के 1 तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम के 1 अधिकारी/कर्मचारी शामिल हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

765703 Articles

Share this story