हांसी में सीआईए टीम को देखकर युवक ने निगला जहर, हुई मौत

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परिजनों ने हिसार में अस्पताल के बाहर किया हंगामा, लापरवाही का आरोप

हिसार, 11 जून (हि.स.)। हांसी में सीआईए टीम द्वारा हिरासत में लिए गए

युवक की मौत पर परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ित

करने व चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस व चिकित्सकों ने आरोपों

को नकारा है।

बताया जा रहा है कि हांसी सीआईए टीम बुधवार सायं जगदीश कॉलोनी में नशीले पदार्थ

की सूचना पर छापा मारने गई थी। अचानक पुलिस को देखकर संदीप नामक युवक ने नशीला पदार्थ

निगल लिया। ज्यादा नशा होने के कारण युवक बेहोश हो गया। पुलिस ने युवक संदीप को पहले

हांसी के निजी अस्पताल में दाखिल कराया, मगर वहां पर तबीयत ज्यादा खराब होने के

कारण परिजनों ने पुलिस की सहायता से शाम को हिसार के डाबड़ा चौक स्थित एक अस्पताल में

पहुंचे लेकिन इससे पहले ही युवक की मौत हो गई।

हिसार के डाबड़ा चौक पुल के नीचे स्थित निजी अस्पताल के बाहर परिजनों ने हंगामा

करना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना के चलते उनके बेटे ने कुछ खा

लिया वहीं चिकित्सकों ने इलाज में लापरवाही बरती, जिससे संदीप की मौत हो गई। अस्पताल

प्रबंधक का कहना है कि हांसी सीआईए की टीम युवक को लेकर उनके पास आई थी। शाम को युवक को एडमिट किया गया मगर युवक दम तोड़ चुका था। युवक के शरीर पर किसी तरह के

चोट के निशान नजर नहीं आए। हंगामे की सूचना मिलते ही अर्बन एस्टेट चौकी पुलिस मौके

पर पहुंची और परिजनों से बातचीत करके उन्हें समझाया।

युवक के चाचा रामफल और फूफा बलबीर का कहना है कि हांसी पुलिस दोपहर को रेड करने जगदीश कॉलोनी में उनके घर आई। हमें पांच बजे पुलिस का फोन आया कि अपने लड़के को ले जाओ, इसकी मौत हो गई है। इसके बाद लड़के को पुलिस यहां शांति

मिशन अस्पताल में ले आई। परिजनों का कहना है कि सात पुलिसकर्मी हमारे यहां से युवक

को जिंदा ले गए थे और मरने के बाद हमें सूचना दी गई।

परिजनों ने बताया कि संदीप के दो छोटे बेटे हैं। एक हवलदार

का नाम जोगेंद्र और दूसरे का नाम प्रवीण है, बाकी पांच और पुलिसकर्मी थे, जिनको हम

जानते नहीं है। हमें नहीं पता पुलिस ने हमारे लड़के के साथ क्या-क्या किया है। हमारी

मांग है कि जिन पुलिसकर्मियों की वजह से संदीप की मौत हुई है, उनको पकड़ा जाए और सख्त

से सख्त सजा दी जाए।

हांसी एसपी विनोद कुमार का कहना है कि युवक संदीप की मौत में पुलिस की कोई

गलती नहीं है। ना ही हमने कोई एफआईआर दर्ज की थी और ना ही वो हमारी कस्टडी में था।

पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही है। नशा तस्करी की सूचना पर ही टीम रेड

करने गई थी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

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